एएआईबी, डीजीसीए और रक्षा अधिकारियों की बीच सूचना तंत्र जरूरी
नई दिल्ली में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डे पर फरवरी 2024 में हुई गंभीर सुरक्षा उल्लंघन की जांच में एक औपचारिक सूचना तंत्र स्थापित करने की सिफारिश की है। इस घटना में एयर इंडिया की उड़ान और भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर के बीच टकराव की स्थिति बनी थी।

नई दिल्ली, एजेंसी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अपने, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और रक्षा अधिकारियों के बीच एक औपचारिक सूचना तंत्र स्थापित करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश फरवरी 2024 में पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डे पर हुए एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन की जांच रिपोर्ट में की गई है, जिसमें एक विमान और हेलीकॉप्टर के बीच टकराव जैसी स्थिति बन गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना दो फरवरी 2024 को हुई थी, जब एयर इंडिया की फ्लाइट एआईसी 788 पोर्ट ब्लेयर से कोलकाता के लिए उड़ान भर रही थी और उसी समय भारतीय नौसेना का हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण उड़ान पर था।
जांच में पाया गया कि आगमन नियंत्रण अधिकारी द्वारा यातायात स्थिति का पर्याप्त आकलन न होने के कारण विमान और हेलीकॉप्टर के बीच सुरक्षित दूरी घट गई। बाद में यातायात एडवाइजरी जारी होने पर हेलीकॉप्टर ने टर्न लेकर टकराव टाला। एएआईबी ने कहा कि वर्तमान में विमान क्षेत्र से जुड़ी इन प्रमुख संस्थाओं के बीच सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान का कोई औपचारिक तंत्र नहीं है, जिसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


