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1984दंगा मामला: टाइटलर के खिलाफ सीबीआई जल्द पूरी करे जांच

वर्ष 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगा मामले में अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ जांच जल्द पूरी करने के निर्देश सीबीआई को दिए हैं।

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अमित अरोड़ा की अदालत में सीबीआई ने सोमवार को इस मामले के गवाह हथियारों के कारोबारी अभिषेक वर्मा का झूठ पकड़ने वाला (लाई-डिटेक्टर) टेस्ट कराने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की। इस पर अदालत ने सीबीआई को जांच देरी करने की नसीहत देते हुए जांच जल्द पूरी करने के आदेश दिए। अदालत ने सीबीआई अधीक्षक को कहा है कि वह जांच में तेजी लाएं। साथ ही अदालत ने अधीक्षक को 21 मई तक जांच रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है।

यह मामला गुरुद्वारा बुलबंग्श में एक नवंबर 1984 को भड़के सिख विरोधी दंगों से संबंधित है। दंगाईयों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इस गुरुद्वारे में आग लगा दी थी। गुरुद्वारे में तीन लोग जिंदा जल गए थे। इस मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील एच एस फुल्का ने कहा कि सीबीआई जानबूझ कर दो साल से रिपोर्ट पेश नहीं कर रही है। वह टाइटलर को बचाने की कोशिश कर रही है। फुल्का ने यह भी कहा कि पिछले दो साल में कई सारे सबूत भी नष्ट हो गए हैं। हालांकि सीबीआई का कहना था कि जिस लैब में अभिषेक का लाई-डिटेक्टर टेस्ट होना है वहां की महीने कई महीनें से काम नहीं कर रही हैं। इसलिए उन्हें एक महीने की और मोहलत चाहिए। ज्ञात रहे कि इस मामले में टाइटलर को सीबीआई तीन बार क्लीनचिट दे चुकी है। लेकिन तीनों बार पीड़ित पक्ष द्वारा आपत्ति जाहिर किए जाने के बाद फिर से मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। इस बार एक गवाह के तौर पर हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा के बयानों को लेकर मामला लटका है।

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  • Web Title:84 riots