संपादित---पांच दिनों तक मनाया जाएगा निजामुद्दीन औलिया का 722वां उर्स
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में हजरत निजामुद्दीन औलिया का 722वां उर्स नौ से

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में हजरत निजामुद्दीन औलिया का 722वां उर्स नौ से 13 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। इस दिन को सूफी परंपरा में आध्यात्मिक मिलन का प्रतीक माना जाता है। दरगाह के सज्जादानशीन सैयद अल्तमश निजामी ने बताया कि उर्स संत की पुण्यतिथि होती है। इसे खुशी और भक्ति दोनों के भाव से मनाया जाता है, क्योंकि यह आत्मा का अपने सृजनहार से मिलन होता है। उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान पांचों दिन दुआ, भजन-संगीत, कव्वाली, प्रसाद वितरण और सामूहिक भोज (लंगर) का आयोजन होगा। आयोजन की शुरुआत गुरुवार शाम कुरान पाठ और प्रार्थना से होगी। इसके बाद कव्वाली और लंगर चलेगा।
10 अक्तूबर को विशेष दुआ और कव्वाली का कार्यक्रम होगा, जबकि 12 अक्तूबर को विश्व शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की जाएगी। अंतिम दिन 13 अक्तूबर को समापन दुआ और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम समाप्त होगा। सैयद अल्तमश निजामी ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी देश और विदेश से श्रद्धालु दिल्ली आएंगे। यह अवसर हमारी साझा संस्कृति और सूफी परंपरा की मिसाल है।
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