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सर्वे : 71% लोगों ने माना कि ग्लोबल वार्मिंग से हीटवेब बढ़ी

सर्वे : 71% लोगों ने माना कि ग्लोबल वार्मिंग से हीटवेब बढ़ी

संक्षेप: नई दिल्ली में किए गए एक सर्वे में 71% भारतीयों ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण हीटवेव बढ़ रही है। इसके अलावा, 59% लोगों ने कृषि कीटों और बीमारियों का अनुभव किया, जबकि आधे देश ने पानी की कमी और खतरनाक वायु प्रदूषण का सामना किया। रिपोर्ट बताती है कि मौसम का प्रभाव अब आम जीवन का हिस्सा बन चुका है।

Tue, 18 Nov 2025 04:32 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। ग्लोबल वार्मिग अब सिर्फ तापमान का मामला नहीं बल्कि एक अनुभव बन चुका है। एक सर्वे में 71 फीसदी भारतीयों ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से हीटवेब बढ़ रही है। येल क्लाइमेट फोरम द्वारा जारी किए गए नए क्लाइमेट ओपिनियन मैप्स भारत के 634 जिलों और 34 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में फैली जलवायु समझ, व्यक्तिगत अनुभव और जोखिम-बोध की सबसे सूक्ष्म तस्वीर पेश करते है। यह मानचित्र दिखाते हैं कि भारतीय मौसम को केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि अब अपनी त्वचा पर महसूस कर रहे हैं। रिपोर्ट कहती है कि पिछले बारह महीनों में तेज और लंबी हीटवेव ने 71% भारतीयों को प्रभावित किया।

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कृषि कीटों और बीमारियों का असर 59% तक फैला। लगातार बिजली कटौती का अनुभव भी 59% भारतीयों ने किया। आधा देश पानी की कमी और सूखे से जूझा और हर दो में से एक भारतीय ने खतरनाक स्तर का वायु प्रदूषण महसूस किया। यह कोई वैज्ञानिक रिपोर्ट की ठंडी भाषा नहीं है बल्कि यह रोजमर्रा का जीवन है. वह जीवन जिसे मौसम अब खुलकर प्रभावित कर रहा है। यूपी में 78% लोगों ने झेली गंभीर हीटवेव रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 78% लोग कहते हैं कि उन्होंने गंभीर हीटवेव झेली है। राजस्थान, हरियाणा और ओडिशा भी इसी श्रेणी में आते हैं, जहां जवाब लगभग 80% तक पहुंच जाता है। तमिलनाडु और केरल में यह संख्या क्रमशः 52% और 55% है। ओडिशा में 64% लोग चक्रवात से परेशान देश में औसतन 35% लोग कहते हैं कि उन्होंने चक्रवात का अनुभव किया, वहीं ओडिशा में यह संख्या 64% है। 2024 में आया चक्रवात डाना अभी भी लोगों की याद में ताजा है। दिलचस्प बात यह है कि यह विश्वास केवल उन राज्यों में नहीं दिखता, जहां लोग सीधे प्रभावित हुए हैं। तमिलनाडु में सिर्फ 21% लोग कहते हैं कि उन्होंने चक्रवात का हालिया अनुभव किया पर 74% लोग फिर भी मानते हैं कि ग्लोबल वॉर्मिंग चक्रवातों को तीव्र बना रही है। मुख्य नतीजे -78% ने माना कि ग्लोबल वॉर्मिंग लू और असहनीय गर्मी कर रही -77% लोग इसे सूखे और पानी की कमी से जोड़ते हैं -73% ने कहा कि चक्रवातों को और मजबूत बना रही -70% लोग मानते हैं कि भारी बाढ़ें इसी वजह से बढ़ रही हैं