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नई दिल्ली

यमुना पर रेलवे पुल का 67 फीसदी काम पूरा

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:20 PM
यमुना पर रेलवे पुल का 67 फीसदी काम पूरा

प्रोजेक्ट अपडेट

- मार्च 2023 तक पुल का निर्माण कार्य पूरा करने का रखा गया है लक्ष्य

- दिल्ली से गाजियाबाद के बीच 150 साल पुराने पुल पर फिलहाल होता है परिचालन

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

यमुना पर दिल्ली से गाजियाबाद रेल मार्ग को जोड़ने वाले नए रेलवे पुल का काम तकरीबन 67 फीसदी पुरा हो चुका है। पिछले दिनों इसकी समय सीमा बढ़ाकर मार्च 2023 की गई है। फिलहाल, 150 साल पुराने रेलवे के लोहे के पुल पर ट्रेन 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रतिबंधित गति से चलाई जाती हैं।

नए पुल के बनने से दिल्ली-गाजियाबाद-शाहदरा-शामली रूट की रेलगाड़ियों की गति मिलेगी। नए पुल पर किसी प्रकार का गति अवरोधक नहीं होगा। इससे ट्रेन के फेरों में भी इजाफा होगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में लोनी से आगे शामली रूट को डबल लाइन किए जाने की भी योजना है।

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2003 में नए पुल को बनाने का काम शुरू किया गया था। उस समय इसकी लागत करीब 91.38 करोड़ रुपये थी। पहले जब इसका काम शुरू किया गया था, तब इसे पूरा करने की समय सीमा वर्ष 2008 रखी गई थी। लेकिन, पुल बनाने में अड़चनें आने पर समय सीमा बढ़ाई गई। इस पुल की मौजूदा अनुमानित लागत 139.95 करोड़ रुपये हैं, जिनमें से 91.38 करोड़ खर्च हो चुके हैं।

निर्माण में इस तरह देरी हुई

इस पुल से गुजरने वाली रेलवे लाइन को समीप के सलीमगढ़ के किले के कुछ हिस्से से होकर ले जाना था। लेकिन, बाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके चलते इस पुल का निर्माण रोकना पड़ा था। बाद में पुल का एलाइनमेंट बदलकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से इसके निर्माण की अनुमति मिली। इसके अलावा निर्माणस्थल पर जमीन के नीचे चट्टानी पत्थर मिलने पर कुछ पिलर की नींव में भी बदलाव करना पड़ा। इन कारणों से इसके काम में कई साल की देरी हुई।

800 मीटर लंबा होगा डबल लाइन का पुल

नए पुल की लंबाई 800 मीटर लंबी होगी। यह डबल लाइन का पुल होगा। पुराने रेलवे लोहे के पुल की खराब होती हालत को देखते हुए साल 1997-98 में इस पुल को बनाने की अनुमति दी गई थी। फिलहाल पुराने पुल से ही रेलगाड़ियों का संचलान हो रहा है। इसमें कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। सुरक्षा कारणों से यहां पैसेंजर ट्रेन को मात्र 15 किलोमीटर प्रति घंटे से गुजारने की अनुमति है। वहीं, अन्य सवारी व मालगाड़ी के लिए 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति प्रतिबंधित है। यमुना में बाढ़ आने या स्वतंत्रता दिवस आदि अवसरों पर सुरक्षा कारणों से इसका संचालन कुछ घंटों के लिए बंद करना पड़ता है।

नंबर गेम

- 800 मीटर लंबाई होगी नए पुल की

- 150 साल पुराना है पुराना लोहे का रेलवे पुल

- 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति निर्धारित है पुराने पुल पर ट्रेन की

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