
भारत मंडपम में कल से सजेगा पुस्तकों का संसार, प्रवेश निशुल्क
नई दिल्ली में 10 जनवरी से 53वां विश्व पुस्तक मेला आयोजित होगा, जो 18 जनवरी तक चलेगा। यह मेला भारतीय सेना के शौर्य को समर्पित है और इसमें 1000 वर्ग मीटर का विशेष मंडप तैयार किया गया है। मेले में बच्चों के लिए विशेष पवेलियन और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी होंगी।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 10 जनवरी से पुस्तकों का संसार सजने जा रहा है। 18 जनवरी तक चलने वाले 53वें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में लोग देश-विदेश के विख्यात लेखकों की किताबें खरीद और पढ़ सकेंगे। मेले में प्रवेश नि:शुल्क होगा। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) की ओर से आयोजित यह पुस्तक मेला इस बार भारतीय सेना के शौर्य को समर्पित होगा। इस बार पुस्तक मेले की थीम पवेलियन भारतीय सैन्य इतिहास : शौर्य एवं विवेक है। गुरुवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक ने मेले की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यह मेला नॉलेज इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए है, ट्रेड के लिए नहीं। मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। इस अवसर पर कतर और स्पेन का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी उनके साथ मौजूद रहेगा। पुस्तक मेले का आयोजन शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के तत्वावधान में किया जाता है। भारत व्यापार सवंर्द्धन सगंठन इसका सह-आयोजक है। वंदेमातरम के 150 वर्ष और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उनके जीवन और योगदान को समर्पित विशेष प्रदर्शनियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। दर्शक स्वदेशी टैंक-पोत और लड़ाकू विमान देख सकेंगे एनबीटी के अध्यक्ष मिलिंद सुधाकर मराठे ने बताया कि भारतीय सेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मानित करते हुए 1000 वर्ग मीटर का एक खास मंडप तैयार किया गया है। मंडप में 500 से अधिक पुस्तकें, चयनित प्रदर्शनी, पोस्टर, डॉक्यूमेंट्री और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य आकर्षण अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतियां होंगी। इसके साथ 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि और 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों पर सत्र शामिल रहेंगे। 100 से अधिक थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले में ये होगा खास प्रतिदिन होगी सांस्कृतिक संध्या - पुस्तक मेले में प्रतिदिन शाम को कोई न कोई सांस्कृतिक गतिविधि होगी। दर्शक भारत मंडपम में बने स्थल पर इसका आनंद सकेंगे हैं। बच्चों के लिए खास पवेलियन - बच्चों के लिए इस बार मेला खास है। राष्ट्रीय बाल साहित्य केंद्र पुस्तकालय में बच्चों के लिए हजारों की संख्या में किताबें हैं। यहां पर लगे स्कैनर से बच्चे 6 हजार किताबें नि:शुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। बच्चे इसके सदस्य भी बन सकते हैं। यहां एजुकेशन वर्कशॉप भी होगी। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी - कतर इस साल गेस्ट ऑफ ऑनर और स्पेन फोकस कंट्री है। मेले में रूस, जापान, फ्रांस, ईरान, कजाकिस्तान सहित कई देशों की भागीदारी होगी। भारत-जापान प्रकाशक संवाद और अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेलों के निदेशकों की मौजूदगी भी रहेगी। लेखक, संस्कृति और परिवार - मेले में प्रसिद्ध लेखक, कलाकार और वक्ता शामिल होंगे। सांस्कृतिक संध्याओं, बच्चों के लिए विशेष पवेलियन, कहानी सुनाना, कला कार्यशालाएं और राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के माध्यम से 6000 से अधिक मुफ्त ई-बुक्स उपलब्ध होंगी। हॉल विवरण हॉल 2-3: भारतीय भाषाओं के प्रकाशक हॉल 4: अंतरराष्ट्रीय पवेलियन हॉल 5: थीम पवेलियन हॉल 6: बच्चों और शैक्षणिक पुस्तकें कैसे पहुंचे मेले में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के गेट संख्या 10, 5 और चार से प्रवेश होगा। मेला प्रबंधन का कहना है कि प्रवेश के लिए टिकट नहीं लगाया गया है, लेकिन आईटीपीओ सुरक्षा जांच और आवश्यक पूछताछ करेगी। मेट्रो के गेट संख्या 10 से शटल के माध्यम से भी दर्शक मेले तक पहुंच सकेंगे। बुजुर्गों के लिए अंदर भी गोल्फ कार्ट होंगे। दर्शक भारत मंडपम की पार्किंग में अपने वाहन को पार्क कर सकते हैं। इसका शुल्क देना होगा।

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