संसद सत्र: सवाल- जवाब
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 39,000 से अधिक परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में हैं। इसमें सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों और आवासीय क्वार्टरों का निर्माण शामिल है। पिछले तीन वर्षों में 168.90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

सीमा क्षेत्र विकास के लिए 39 हजार परियोजनाएं मंजूर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि वित्त वर्ष 2004-05 से अब तक सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 39,000 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर सहित सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वीकृत की गई हैं। लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में सड़कों, सीमा चौकियों, पुल और पुलियों का निर्माण, डॉक्टरों, पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवासीय क्वार्टर, स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त कमरे, आदि शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में इस कार्यक्रम के तहत पात्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रतिबद्ध देनदारियों के लिए 168.90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।पूर्वोत्तर
के लोगों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव पर कोई केंद्रीय डाटा नहीकेंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ हेट स्पीच, नस्लीय टिप्पणी, उत्पीड़न और भेदभाव से जुड़े मामलों का कोई केंद्रीकृत डेटा नहीं रखा जाता है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि अपराधों की रोकथाम, पहचान, पंजीकरण, जांच और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी राज्यों की होती है।एंटी-रेबीज वैक्सीन की कोई कमी नहींकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि देश में रेबीज इम्युनोग्लोब्युलिन और एंटी-रेबीज वैक्सीन की कोई कमी नहीं है क्योंकि इसकी आपूर्ति घरेलू मांग से कहीं अधिक है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवाल के जवाब में उन्होंने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त मात्रा में टीका है और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल लगभग 8.17 करोड़ वायल एआरवी और 1.77 करोड़ वायल आरआईजी उत्पादन की क्षमता है। मंत्री के अनुसार देश में हर साल लगभग 58 लाख पशु-काटने के मामले सामने आते हैं, जिनमें से 47 लाख कुत्तों के काटने के होते हैं।ग्यारह साल में 18 हजार से अधिक जन औषधि केंद्र खुलेकेंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को बताया कि देशभर में 18,646 जन औषधि केंद्र संचालित हैं, जो लोगों को किफायती कीमतों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में उन्होंने बताया प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की शुरुआत 2008 में यूपीए सरकार द्वारा की गई थी, लेकिन 2014 तक केवल 80 जन औषधि केंद्र ही खोले गए हैं। 28 फरवरी 2026 तक देशभर में 18,646 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 2,370 जन औषधि केंद्र सरकारी अस्पतालों में खोले गए हैं, जहां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50-80 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग मंत्रालय का प्रस्ताव नहींकेंद्रीय गृह स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग मंत्रालय, संसदीय निरीक्षण समिति या विशेष नीति ढांचा बनाने पर विचार नहीं कर रही है। लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने निर्दलीय सांसद पटेल उमेशभाई बाबूभाई के सवाल के जवाब में ये जानकारी दी। लिखित उत्तर में राय ने कहा कि सरकार को केंद्र शासित प्रदेशों के प्रबंधन के लिए केंद्र शासित प्रदेश मामलों का अलग मंत्रालय या विभाग बनाने की आवश्यकता महसूस नहीं होती है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की निगरानी के लिए संसदीय निरीक्षण समिति गठित करने की भी कोई योजना नहीं है। उन्होंने दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष नीति ढांचा बनाने की संभावना से भी इनकार किया, भले ही उनकी भौगोलिक और प्रशासनिक आवश्यकताएं अलग हों।......
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