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अपने लिए खुद लड़कियां चुनता था चैतन्यानंद, आगे का काम करती थीं ‘उसकी पुरानी शिकार’

अपने लिए खुद लड़कियां चुनता था चैतन्यानंद, आगे का काम करती थीं ‘उसकी पुरानी शिकार’

संक्षेप:

श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में डायरेक्टर पद पर काम करते हुए इंस्टीट्यूट की छात्राओं के साथ गंदी हरकतें करने के आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर कई हैरान करने वाली बातें सामने आ रही हैं। संस्थान के एक पूर्व छात्र ने चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी को लेकर कई नए दावे किए हैं

Sep 26, 2025 02:16 pm ISTSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में डायरेक्टर पद पर काम करते हुए इंस्टीट्यूट की छात्राओं के साथ गंदी हरकतें करने के आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर कई हैरान करने वाली बातें सामने आ रही हैं। 17 छात्राओं की ओर से लगाए गए छेड़छाड़ के आरोप के बाद अब संस्थान के एक पूर्व छात्र ने चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी को लेकर कई नए दावे किए हैं। उसने बताया है कि कैसे चैतन्यानंद नए सत्र के शुरू होते ही अपने लिए लड़कियां चुनता था और फिर धमकी लालच के सहारे उन्हें शिकार बनाता था।

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इंडिया टुडे से बातचीत में एक पूर्व छात्र ने बताया कि आरोपी लड़कियों को मुफ्त में विदेश ले जाने के साथ कार, लैपटॉप और आईफोन आदि देने का लालच देता था। वसंत कुंज स्थित इस मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र के मुताबिक, एडमिशन के साथ ही चैतन्यानंद लड़कियों को चुनने और उन्हें अपने कमरे तक लाने की कोशिशों में जुट जाता था। गोपनीय पहचान के साथ छात्र ने कहा, 'जैसे ही नई छात्राओं का एडमिशन होता था, 'सलेक्शन' की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। पहले लड़कियों को चुना जाता था, फिर उनसे संपर्क किया जाता था और बेहतर सुविधाओं का लालच दिया जाता था। इसमें अच्छे अंक, विदेश में इंटर्नशिप और अच्छे प्लेसमेंट जैसी बातें होतीं। ऑफर स्वीकार करने वाली लड़कियों के लिए रास्ता आसान किया जाता था तो ठुकराने वाली लड़कियों की मुश्किलें बढ़ जाती थीं।'

जिन लड़कियों को ऑफर मंजूर नहीं होता था उन्हें खूब परेशान किया जाता था। किसी से बात करने की अनुमति नहीं होती थी। 24 घंटे उनकी निगरानी होती थी और दुखी करके कॉलेज से निकाल तक दिया जाता था। यहां तक कि उनके माता-पिता को भी परेशान किया जाता था। जब यह पूछा गया कि कैसे तय किया जाता था कि किन लड़कियों को टारगेट करना है तो पूर्व छात्र ने बताया कि खुद चैतन्यानंद सरस्वती इस काम को करता था।

उसने कहा, 'स्वामी खुद स्टूडेंट्स से एक-एक करके बात करता था। इसके बाद उनकी पहचान की जाती थी। वह लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग क्लास भी लेता था। इस दौरान वह लड़कियों का चुनाव करता था। इसके बाद कुछ फीमेल स्टाफ को उन लड़कियों से संपर्क करने को कहा जाता था। कुछ महिला स्टाफ चिह्नित लड़कियों को चैतन्यानंद के कमरे तक पहुंचाने के लिए लालच और धमकियों का इस्तेमाल करती थीं।'

पूर्व छात्र ने यह भी बताया कि कुछ महिला स्टाफ ऐसी हैं जो संस्थान की ही पूर्व स्टूडेंट्स हैं। चैतन्यानंद ने पहले उन्हें अपना शिकार बनाया था। इन महिलाओं ने उसके साथ समझौता कर लिया था। उसने कहा, 'मौजूदा महिला कर्मचारियों में से कुछ यहीं पढ़ी हैं। उन्हें भी स्वामी ने ऐसा ही ऑफर दिया था। उन्हें विदेशी दौरों पर ले जाया गया था। आज उन्हें वहीं नौकरी भी मिल चुकी है। यही महिलाएं अब दूसरी लड़कियों को चैतन्यानंद के कमरे में जाने के लिए सहमत करती हैं।'

Sudhir Jha

लेखक के बारे में

Sudhir Jha
डिजिटल और प्रिंट मीडिया में डेढ़ दशक का अनुभव। भारतीय राजनीति के साथ एशियाई और वैश्विक मामलों की समझ। अर्थशास्त्र और खेल में भी रुचि। जम्मू-कश्मीर, लखनऊ और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले आज समाज, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, न्यूज ट्रैक, नवभारत टाइम्स में सेवा दे चुके हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन डिप्लोमा से पहले कंप्यूटर साइंस में ग्रैजुएशन किया है। जन्म बिहार में हुआ और पले-बढ़े मेरठ में। और पढ़ें
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