
दिल्ली के नरेला में बनेगी 'एजुकेशन सिटी', DDA ने दो यूनिवर्सिटी को सौंपा जमीन का कब्जा
डीडीए ने बताया कि जनवरी 2024 में ही दोनों यूनिवर्सिटी को जमीन का आवंटन कर दिया गया था मगर तत्कालीन अरविंद केजरीवाल सरकार ने जमीन के बदले कोई भुगतान नहीं किया था जिससे ये प्रोजेक्ट बीच में ठप पड़ गया था।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शनिवार को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी और दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी को नरेला में नए कैंपस के निर्माण के लिए जमीन पर कब्जा सौंप दिया। दोनों यूनिवर्सिटी की ओर से एजुकेशन मिनिस्टर आशीष सूद को उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने जमीन के कागज सौंपे।
उप-राज्यपाल और एजुकेशन मिनिस्टर ने इस दौरान दोनों संस्थानों को बधाई दी और कहा कि कैंपस के विस्तार से न केवल दिल्ली में बल्कि पूरे देश के छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी। डीडीए ने बताया कि जनवरी 2024 में ही दोनों यूनिवर्सिटी को जमीन का आवंटन कर दिया गया था मगर तत्कालीन अरविंद केजरीवाल सरकार ने जमीन के बदले कोई भुगतान नहीं किया था जिससे ये प्रोजेक्ट बीच में ठप पड़ गया था।

यूनिवर्सिटी कैंपस के विस्तार से नरेला के पड़ोसी क्षेत्रों के निवासियों, खास तौर पर बाहरी दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों के निवासियों को फायदा होगा।
दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी को मिली इतनी जमीन
आपको बता दें कि दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी को नरेला के सेक्टर जी-2/जी-6 में 12.69 एकड़ जमीन आवंटित की गई है, जिसके लिए दिल्ली सरकार ने डीडीए को 92.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी वर्तमान में उत्तरी दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक स्कूल भवन से संचालित हो रही है जहां पर्याप्त बुनियादी ढांचे की कमी है।
इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी को इतनी जमीन
वहीं डीडीए को 162.90 करोड़ रुपये का भुगतान करने के बाद गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी को नरेला में 22.43 एकड़ जमीन का कब्जा सौंपा गया है। ये यूनिवर्सिटी का तीसरा कैंपस होगा। वर्तमान में इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी का द्वारका और पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार में कैंपस है।





