
4KM के लिए 30 रुपये और...; भारत टैक्सी में किराये की लिस्ट आ गई; दिन-रात एक जैसा
Bharat Taxi Service: दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के यात्रियों के लिए, इसकी कीमत सबसे बड़ी राहत हो सकती है। भारत टैक्सी में 'फिक्स्ड फेयर' यानी तय किराया होगा और कोई 'सर्ज प्राइसिंग' नहीं होगी।
नए साल के पहले दिन कैब बाजार में ओला ऊबर को चुनौती देने के लिए आज से भारत टैक्सी भी आ गई है। स्वदेशी और ड्राइवरों के मालिकाना हक वाला कैब प्लेटफॉर्म आधिकारिक तौर पर आज से शुरू हो गया है। इसे ओला (Ola) और उबर (Uber) के एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यात्री और ड्राइवर दोनों ही लंबे समय से बेहतर विकल्पों की तलाश में थे। इससे सबसे ज्यादा फायदा मेट्रो शहरों जैसे राजधानी दिल्ली को होग। ऐसे में इसके किराए और कितनी किफायती होगी,इसपर भी चर्चा है। तो आइए आपको विस्तार से समझाते हैं।
भारत टैक्सी की सबसे खास बात इसकी बनावट है। यह भारत की पहली सरकारी सहायता प्राप्त और 'जीरो-कमीशन' (बिना कमीशन वाली) कैब सेवा है, जो 'कोऑपरेटिव मॉडल' (सहकारी मॉडल) पर आधारित है। इसे 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड' की ओर से चलाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य ड्राइवरों को मालिकाना हक देना, उनकी कमाई को स्थिर बनाना और यात्रियों के लिए तय और उचित किराया सुनिश्चित करना है।
यात्रियों को मिलेगा ये फायदा
सेवा को आसान बनाने के लिए, इस सहकारी संस्था ने 'भारत टैक्सी' मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो अब Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है। इस ऐप को इस्तेमाल में बहुत सरल बनाया गया है जैसे आप अपनी सवारी (राइड) बुक कर सकते हैं, पहले ही किराया देख सकते हैं और आखिरी समय में मिलने वाले झटकों से बच सकते हैं।
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के यात्रियों के लिए, इसकी कीमत सबसे बड़ी राहत हो सकती है। भारत टैक्सी में 'फिक्स्ड फेयर' यानी तय किराया होगा और कोई 'सर्ज प्राइसिंग' (Surge Pricing) नहीं होगी। इसका मतलब है कि बारिश होने या भीड़-भाड़ वाले समय (Peak Hours) में आपकी सवारी का किराया अचानक नहीं बढ़ेगा।
किराये की दरें कुछ इस प्रकार हैं
➤पहले 4 किलोमीटर के लिए: 30 ₹
➤4 से 12 किलोमीटर की दूरी के लिए: 23 ₹ प्रति किलोमीटर
➤लंबी दूरी के सफर के लिए: 18 ₹ प्रति किलोमीटर
एसी-नॉन एसी कैब का भी विकल्प
सवारी बुक करते समय यात्रियों को अपनी पसंद के अनुसार विकल्प भी मिलेंगे। ऐप में कई श्रेणियां दी गई हैं, जिनमें नॉन-एसी (non-AC), एसी (AC), प्रीमियम और एक्सएल (XL) कैब शामिल हैं। प्लेटफॉर्म का दावा है कि पिक-अप का समय बहुत कम होगा और अक्सर कुछ ही मिनटों में कैब आप तक पहुंच जाएगी। यह सुविधा ऑफिस जाने वालों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी।

यात्रियों के नजरिए से देखें तो, साफ-सुथरे और पारदर्शी किराये से उन्हें अपनी यात्रा पर बेहतर नियंत्रण महसूस होगा। साथ ही, यह सेवा अचानक 'राइड कैंसिल' होने जैसी समस्याओं को कम करने की कोशिश कर रही है, जो कि निजी कंपनियों के साथ एक आम शिकायत बन गई है। सुरक्षा के लिहाज से, भारत टैक्सी में ड्राइवरों का वेरिफिकेशन किया गया है और इसे दिल्ली पुलिस व अन्य सरकारी एजेंसियों के सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि यात्रा के दौरान यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके।
कैब ड्राइवरों को खास फायदा
दूसरी ओर, ड्राइवरों के पास इस प्लेटफॉर्म से जुड़े रहने की ठोस वजहें हैं। एक सहकारी संस्था के मालिक होने के नाते, वे किराए का लगभग पूरा हिस्सा (80 से 100 प्रतिशत) अपने साथ घर ले जाते हैं, जबकि दूसरी कंपनियों में कमाई का एक बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में कट जाता है। इससे उन्हें अलग से 'इंसेंटिव' (incentives) के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ती और हर सवारी (ride) स्वीकार करना उनके लिए फायदेमंद होता है।
सरकारी भागीदारी इस सेवा के काम करने के तरीके को और बेहतर बनाती है। डिजी-लॉकर और उमंग ऐप के साथ जुड़ाव के जरिए भारत टैक्सी ड्राइवरों की सही पहचान, रियल-टाइम ट्रैकिंग और नियमित ऑडिट (जांच) सुनिश्चित करती है। विस्तार की बात करें तो, इस सेवा की शुरुआत नवंबर 2025 में दिल्ली में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी, जिसमें लगभग 650 ड्राइवरों की अपनी गाड़ियां शामिल थीं। अब इसे मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, भोपाल, लखनऊ और जयपुर जैसे बड़े शहरों में शुरू करने की योजना है और आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों को भी जोड़ा जाएगा।





