3 चरणों में बसेगा नया आगरा, 15 लाख लोगों के कमाने-रहने का इंतजाम संग क्या-क्या सुविधाएं
नया आगरा पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र बनेगा। यहां पर्यटकों को लुभाने के लिए बोटिंग और वॉकवे की सुविधा होगी। इसके लिए 823.7 हेक्टेयर में ग्रीन रिवर बफर जोन बनेगा, जहां कई प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल और दुर्लभ पेड़-पौधे लगाए जाएंगे।

नया आगरा पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र बनेगा। यहां पर्यटकों को लुभाने के लिए बोटिंग और वॉकवे की सुविधा होगी। इसके लिए 823.7 हेक्टेयर में ग्रीन रिवर बफर जोन बनेगा, जहां कई प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल और दुर्लभ पेड़-पौधे लगाए जाएंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने विगत बोर्ड बैठक में 14480 हेक्टेयर में नए आगरा को बसाने के लिए मास्टर प्लान 2041 प्रस्तुत किया था। मास्टर प्लान के अनुसार नए आगरा शहर तीन चरणों में विकसित होगा। यह शहर-हरा भरा और मनोरंजन का हब बनेगा। यहां पर वेलनेस टूरिज्म (कल्याण पर्यटन) से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
नए शहर में 15 लाख लोगों के काम करने और रहने का होगा इंतजाम
योग, आयुर्वेदिक मसाज और उपचार से लोग शरीर और मन को स्वस्थ बना सकेंगे। इसके अलावा हस्तशिल्प कारीगरी से भी लोगों को रूबरू कराया जाएगा। लोग यहां मिट्टी के बर्तन, लकड़ी पर कारीगरी, कपड़ा रंगाई, बुनाई और पेटिंग समेत स्थानीय कला और संस्कृति की झलक देख सकेंगे। शहर में बायोफिलिक वेलनेस सेंटर (जैव प्रेमी कल्याण केंद्र) भी बनाया जाएगा, जो पूरी तरह से प्राकृतिक होगा। नए शहर में 15 लाख लोगों के काम करने और रहने की व्यवस्था होगी।
खेल गांव और गोल्फ कोर्स भी बनेंगे
मास्टर प्लान 2041 के तहत 100 हेक्टेयर में गोल्फ कोर्स और 100 हेक्टेयर में खेल गांव भी विकसित होगा। 40 हेक्टेयर में बायोडायवर्सिटी पार्क प्रस्तावित किया गया है। शहर में कुल 460 हेक्टेयर का क्षेत्रफल मनोरंजन और ग्रीन क्षेत्र के लिए आरक्षित किया गया है। यह कुल क्षेत्र का 3.08 फीसदी है।
लग्जरी होटल और रिसोर्ट बनेंगे
मास्टर प्लान में 405 हेक्टेयर में पर्यटन क्षेत्र को दो जोन में विकसित किया जाएगा। इसमें लक्जरी, बजट होटल, रिसोर्ट, एग्जीबिशन एंड ट्रेड सेंटर, रिवर फ्रंट, थीम पार्क, वेलनेस सेंटर आदि रहेंगे। ग्रीन बेल्ट के लिए शहर स्तरीय दो और जिलास्तरीय चार पार्क बनेंगे। ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के अंतर्गत होने के चलते यहां ऐसी कोई औद्योगिक गतिविधि नहीं होगी, ताकि ताजमहल की सुंदरता पर प्रभाव पड़े। आगरा परिक्षेत्र में 20 से कम प्रदूषण स्कोर वाले उद्योगों की स्थापना को ही वरीयता दी जाएगी।
शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ यीडा, ‘’नया आगरा पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र बनेगा। स्कूल ऑफ प्लानिंग बोर्ड के बाद संशोधित मास्टर प्लान को विगत बोर्ड बैठक में रखा गया। इस पर आम लोगों की आपत्ति ली जा रही है। इसके बाद शहर को विकसित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।''
भूखंडों की योजना में आवेदन करने का मौका
वहीं, ग्रेटर नोएडा शहर की आधुनिक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में शुरू की गई औद्योगिक भूखंडों की योजना में 16 मार्च तक आवेदन करने का मौका है। योजना में बड़े आकार के आठ से अधिक भूखंड हैं। इस योजना में विदेशी कंपनियों के भी आने की संभावना है। भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के माध्यम से होगा। भूखंडों का क्षेत्रफल 3.6 एकड़ से 15.72 एकड़ के बीच है।



