
दिल्ली में नेपाली नागरिक के पास मिला 11 किलो चरस, कीमत जान आप भी चौंक जाएंगे
लगातार की गई पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह कम समय में जल्दी और आसानी से पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में उतरा था। उसने बताया कि अच्छी क्वालिटी की चरस की सप्लाई में मिलने वाले भारी मुनाफे ने उसे ड्रग्स तस्करी के लिए उकसाया।
2027 तक नशा मुक्त दिल्ली पहल के तहत पुलिस के दक्षिण-पूर्वी जिला (SED) के स्पेशल स्टाफ ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज के नेतृत्व में, टीम ने एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 10.970 किलो की चरस बरामद हुई है, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है।
घटना, टीम और ऑपरेशन
1 जनवरी को स्पेशल स्टाफ (दक्षिण-पूर्वी जिला) को ए.एस.आई. अनिल के माध्यम से पुख्ता जानकारी मिली कि अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र में अच्छी क्वालिटी की चरस सप्लाई करने वाला एक तस्कर अक्सर आता-जाता है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। यह टीम इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह डागर (इंचार्ज, स्पेशल स्टाफ) के नेतृत्व में औरहरी सिंह (ए.सी.पी. ऑपरेशंस) की देखरेख में तैयार की गई। इस टीम में इंस्पेक्टर शुभम चौधरी, एस.आई. मुनेश, विनोद, राजवीर, राजेंद्र, ए.एस.आई. अनिल, हेड कांस्टेबल प्रेम, विवेक, दिनेश, परवेश, संगीता और कांस्टेबल सतवीर, प्रदीप, छोटूराम व मोहित शामिल थे।
पुलिस टीम ने अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र में रणनीतिक रूप से जाल बिछाया। शाम करीब 06:50 बजे, मुखबिर की निशानदेही पर संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। उस समय उसके पास एक बैग था जिसमें पॉलिथीन के पैकेट रखे हुए थे। जब बैग की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसके पास से 10.970 किलोग्राम की चरस बरामद हुई।
आरोपी और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान महेश, पिता- सन प्रसाद, निवासी- वार्ड नंबर 02, रोल्पा, जिला- लिवांग, राप्ती (नेपाल) के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र 46 वर्ष है। इस मामले में अमर कॉलोनी थाने (दक्षिण-पूर्वी जिला, दिल्ली) में NDPS एक्ट की धारा 21/61/85 के तहत FIR नंबर 02/2026 दर्ज की गई है। आरोपी को कानून के अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में नेपाल से दिल्ली में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और सप्लाई करने के काम में लगातार शामिल था।दिल्ली में 6 महीने में 600 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी, बैट्री स्वैपिंग सेंटर भी बनेंगे
लगातार की गई पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह कम समय में जल्दी और आसानी से पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में उतरा था। उसने बताया कि अच्छी क्वालिटी की चरस की सप्लाई में मिलने वाले भारी मुनाफे ने उसे ड्रग्स तस्करी के लिए उकसाया, जबकि वह इसके कानूनी अंजामों (सजा) से पूरी तरह वाकिफ था।





