पेपर-सेटिंग कमेटी के मेंबर्स ने ही लीक किया NEET का पेपर, CBI का चौंकाने वाला दावा

हिन्दुस्तान टाइम्स, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सीबीआई अब न केवल बिचौलियों के नेटवर्क और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों की जांच कर रही है, बल्कि एनटीए के भीतर के लोगों की भी जांच कर रही है। सीबीआई का दावा है कि पेपर-सेटिंग कमेटी के दो मेंबर्स ने ही पेपर लीक करवाया।

पेपर-सेटिंग कमेटी के मेंबर्स ने ही लीक किया NEET का पेपर, CBI का चौंकाने वाला दावा

NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सीबीआई अब न केवल बिचौलियों के नेटवर्क और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों की जांच कर रही है, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के भीतर के लोगों की भी जांच कर रही है। सीबीआई का दावा है कि पेपर-सेटिंग कमेटी के दो मेंबर्स ने ही पेपर लीक करवाया।

नीट पेपर लीक मामले में चार दिनों में पांच राज्यों से नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की पेपर-सेटिंग कमेटी के दो मेंबर्स ने प्रश्न पत्रों के दो अलग-अलग सेट लीक किए थे। इसके बाद बिचौलियों की एक चेन के जरिए ये पेपर 3 मई को होने वाली परीक्षा से पहले ही छात्रों तक पहुंच गए थे।

सीबीआई ने पुणे की एक सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंदारे और लातूर के पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET-UG 2026 के पेपर-सेटिंग पैनल में विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया था।

लीक की शुरुआत कैसे हुई?

एनटीए की पेपर-सेटिंग कमेटी के सदस्य होने के नाते मनधारे पर आरोप है कि उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के पेपर तक सीधी पहुंच थी, जबकि कुलकर्णी को केमिस्ट्री के पेपर तक। जांचकर्ताओं ने बताया कि मनधारे ने कथित तौर पर अप्रैल महीने में ही परीक्षा से लगभग कुछ हफ्ते पहले चुनिंदा छात्रों के साथ पेपर शेयर करना शुरू कर दिया था। जांच एजेंसी ने कहा कि वह NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थी और एनटीए ने उसे एक विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया था। उसके पास बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक पूरी पहुंच थी।

घर पर छात्रों को पेपर लिखवाए

पुणे स्थित अपने घर पर उसने कथित तौर पर कोचिंग सत्र आयोजित किए, जहां छात्रों से पेपर लिखने और पाठ्यपुस्तकों में उत्तरों को ढूंढ़ने के लिए कहा गया। सीबीआई ने कहा कि कक्षाओं के दौरान मांधरे ने बॉटनी और जूलॉजी के विभिन्न प्रश्नों को समझाया और उनका खुलासा किया। उन्होंने छात्रों से उन्हें अपनी नोटबुक में लिखने और अपनी पाठ्यपुस्तकों में भी चिह्नित करने के लिए कहा। इनमें से अधिकांश प्रश्न 3 मई को आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र से मेल खाते थे। अधिकारियों ने बताया कि कुलकर्णी ने कथित तौर पर पेपर के केमिस्ट्री सेक्शन में ऐसी ही भूमिका निभाई थी।

कोचिंग नोट्स, पीडीएफ और गुरुग्राम का डीलर

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, एनटीए के अंदर से लीक हुई सामग्री के दो सेट सामने आए। एक हाथ से लिखा हुआ और दूसरा टाइप किया हुआ। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुलकर्णी ने केमिस्ट्री का पेपर लीक किया, जबकि मांधरे ने बॉटनी और जूलॉजी के सवाल लीक किए। वहां से लीक हुए सवाल कथित तौर पर कई जगहों पर फैले बिचौलियों की चेन के जरिए आगे बढ़े।

वाट्सअप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए सर्कुलेट किया गया

जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि ये सवाल सबसे पहले पुणे में हुई क्लासों के दौरान तैयार किए गए कोचिंग नोट्स के तौर पर सर्कुलेट हुए थे। फिर उन नोट्स को कथित तौर पर एक पीडीएफ में बदल दिया गया। बाद में परीक्षा से पहले उस पीडीएफ को वाट्सअप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए सर्कुलेट किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि लीक हुई सामग्री नासिक के आरोपी शुभम खैरनार से गुरुग्राम के यश यादव तक पहुंची। यादव पर आरोप है कि उसने पेपर का सेट मंगिलाल बीवाल को 10 लाख रुपए में बेच दिया। कोर्ट के रिकॉर्ड में मंगिलाल की पहचान मंगिलाल खटीक के तौर पर भी की गई है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह सौदा इस शर्त पर हुआ था कि पेपर के कम से कम 150 सवाल असली नीट पेपर से मेल खाएंगे। सीबीआई ने बताया कि बाद में मंगिलाल ने इसकी प्रिंटेड कॉपियां अपने रिश्तेदारों, अपने बेटे के दोस्तों और सत्यनारायण नाम के एक टीचर को बांट दीं।

ब्यूटी पार्लर का कनेक्शन

सीबीआई ने पुणे की एक ब्यूटी पार्लर की मालकिन मनीषा वाघमारे को भी इस नेटवर्क की एक अहम कड़ी के तौर पर पहचाना है। 14 मई को गिरफ्तार की गई वाघमारे पर आरोप है कि उसने छात्रों को एनटीए के अंदर के लोगों से जोड़ा और कोचिंग सेशन के लिए उम्मीदवारों को जुटाने में मदद की।

जांचकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उसे 27 अप्रैल से ही पेपर मिल गया था, जो परीक्षा से लगभग एक हफ्ता पहले की बात है। यह सब कथित तौर पर दूसरे आरोपियों और एनटीए के अंदर के लोगों की मिलीभगत से हुआ था। अधिकारियों को अब शक है कि यह ऑपरेशन तीन मुख्य स्तरों पर काम कर रहा था। अंदर के लोग जिनकी पेपर तक पहुंच थी, रिक्रूटर जिन्होंने छात्रों और आरोपियों को आपस में जोड़ा और बिचौलिए जिन्होंने सामग्री को फैलाया और बेचा।

चार दिनों में नौ गिरफ्तारियां

अब तक इस मामले के सिलसिले में पांच राज्यों में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पुणे से मंधारे, कुलकर्णी और वाघमारे, अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडा, नासिक से शुभम खैरनार, जयपुर से मंगिलाल बीवाल उर्फ ​​मंगिलाल खटीक, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और गुरुग्राम से यश यादव शामिल हैं।

एनटीए के वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के दायरे में

जांच ​​से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अब NEET-UG 2026 का पेपर तैयार करने वाली पूरी समिति की भूमिका की जांच कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि पेपर तैयार करने वाली पूरी समिति और एनटीए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मांधरे और कुलकर्णी पिछली परीक्षाओं के पेपर लीक में भी शामिल थे। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट की एक विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।