दिल्ली में NCB का बड़ा ऑपरेशन, देश में पहली बार 182 करोड़ की 'जिहादी ड्रग' कैप्टागन पकड़ी, सीरियाई नागरिक दबोचा

Praveen Sharma नई दिल्ली, वार्ता
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ऑपरेशन रेजपिल' के तहत 'जिहादी ड्रग' कैप्टागन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 227.7 किलो कैप्टागन जब्त की है। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत 182 करोड़ रुपये है।

दिल्ली में NCB का बड़ा ऑपरेशन, देश में पहली बार 182 करोड़ की 'जिहादी ड्रग' कैप्टागन पकड़ी, सीरियाई नागरिक दबोचा

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 'ऑपरेशन रेजपिल' (Operation RAGEPILL) के तहत अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एनसीबी ने ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के जरिये कैप्टागन ड्रग्स की तस्करी में शामिल सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 227.7 किलो कैप्टागन जब्त की है। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत 182 करोड़ रुपये है। कैप्टागन को 'जिहादी ड्रग' भी कहा जाता है।

यह पहला मौका है, जब देश में इस तरह की खतरनाक ड्रग पकड़ी गई है। इस मामले में सीरिया के एक नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट कर यह जानकारी दी।

अमित शाह ने की तारीफ

अमित शाह ने लिखा, ''मोदी सरकार 'नशामुक्त भारत' के लिए संकल्पित है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी एजेंसियों ने 'ऑपरेशन रेजपिल' के जरिये पहली बार 182 करोड़ रुपये की कीमत का 'कैप्टागॉन' (Captagon) जब्त किया है, जिसे ‘जिहादी ड्रग’ भी कहा जाता है। मिडिल-ईस्ट भेजे जाने वाली इस नशीले पदार्थों की खेप को पकड़ना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, नशीले पदार्थों के प्रति हमारी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के शानदार उदाहरण हैं। मैं फिर से दोहराता हूं कि भारत में आने वाले या हमारे देश की जमीन का इस्तेमाल करके दूसरे देशों में भेजे जाने वाले नशीले पदार्थों के हर एक ग्राम पर हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। नारकोटिक्स ब्यूरो के बहादुर और चौकस जवानों को मेरा सैल्यूट।''

क्या होता है कैप्टागन

गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि इस कार्रवाई में लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट/पाउडर जब्त किया गया। साथ ही इस सिंडिकेट से जुड़े और अवैध रूप से भारत में रह रहे एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया। कैप्टागन में मुख्य रूप से फेनेटाइलीन और एम्फेटामाइन पाए जाते हैं, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थ हैं।

चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखी गई थी ड्रग्स

एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी ने सूचना दी थी कि कैप्टागन तस्करी के लिए भारत को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद एनसीबी ने दिल्ली के नेब सराय क्षेत्र में एक मकान की पहचान की। गत सोमवार को मकान की तलाशी के दौरान एक चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखी गई लगभग 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की गई, जिसे जेद्दा, सऊदी अरब भेजा जाना था।

दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा था सीरियाई नागरिक

प्रारंभिक जांच में पता चला कि सीरियाई नागरिक 2024 में 15 नवंबर को पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन उसका वीजा 2025 में 12 जनवरी को समाप्त हो गया और वह अवैध रूप से यहां रह रहा था। उसने नेब सराय में मकान किराये पर लिया था। आरोपी से पूछताछ के बाद गुरुवार को गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन में एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया गया। इस कंटेनर को भेड़ की ऊन से भरा हुआ बताकर सीरिया से आयात किया गया था। कंटेनर की गहन तलाशी के दौरान तीन बैगों में छिपाकर रखे गए 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किए गए। जांच से पता चला है कि जब्त खेप को खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर सऊदी अरब और अन्य मिडिल-ईस्ट के देशों में भेजा जाना था, जहां कैप्टागन का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।

‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत कुल लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागन/ पाउडर जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये आंकी गई है।

भारत में पहली बार पकड़ी गई कैप्टागन

यह कार्रवाई भारत में कैप्टागन की पहली जब्ती है और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स द्वारा भारत को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल करने की साजिश का पर्दाफाश करता है। यह ऑपरेशन दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय खुफिया साझेदारी और कानून प्रवर्तन सहयोग किस प्रकार विभिन्न देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की पहचान, रोकथाम और ध्वस्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं तथा दुनिया भर की ड्रग प्रवर्तन एजेंसियां किस प्रकार मिलकर ऐसे नेटवर्क को खत्म कर सकती हैं।

इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर लाई गई कोकीन

यह बरामदगी हाल ही में मुंबई में एनसीबी द्वारा की गई एक अन्य बड़ी कार्रवाई के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जिसमें इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर रखी गई 349 किलोग्राम हाई क्वालिटी वाली कोकीन बरामद की गई थी। यह इस बात को उजागर करता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के लिए व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर आधारित व्यापार मार्गों का दुरुपयोग बढ़ रहा है।

एनसीबी ने खरीद के स्रोत, वित्तीय एवं हवाला संपर्क, लॉजिस्टिक्स सुविधा प्रदाताओं, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों तथा ड्रग सिंडिकेट से जुड़े व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पहचान के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। है। भारत एकीकृत कानूनों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, ड्रग सरगनाओं के प्रत्यर्पण तथा नार्को- आतंकवाद और ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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