
दिल्ली के नरेला में बनेगा देश का पहला ई-वेस्ट ईको पार्क, 11 एकड़ भूमि पर होगा निर्माण
दिल्ली में नरेला के होलंबी कलां में प्रस्तावित देश के पहले ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण की तैयारी तेज कर दी गई है। इसे पीपीपी मॉडल के तहत बनाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो 11 एकड़ की भूमि पर पहला ई-वेस्ट इको पार्क बनाने के लिए जल्द ही टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
दिल्ली में नरेला के होलंबी कलां में प्रस्तावित देश के पहले ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण की तैयारी तेज कर दी गई है। इसे सार्वजनिक-निजी भागेदारी (पीपीपी मॉडल) के तहत बनाया जाएगा। इसके तहत अधिकारियों ने विभिन्न कंपनियों एवं हितधारकों के साथ एक बैठक बुलाई है। सूत्रों की मानें तो 11 एकड़ की भूमि पर पहला ई-वेस्ट इको पार्क बनाने के लिए जल्द ही टेंडर जारी कर दिया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य ई-कचरा प्रबंधन में पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

ई-वेस्ट ईको पार्क की स्थापना के लिए डीएसआईआईडीसी ने इस कार्य से जुड़े विभिन्न हितधारकों एवं कंपनियों की एक बैठक बुलाई है, ताकि टेंडर निकालने से पहले विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके। उनका मानना है कि हितधारकों से चर्चा करने के बाद जारी टेंडर के सफल होने की संभावना काफी अधिक होगी।
इस संबंध में डीएसआईआईडीसी ने ई-कचरा संग्रहण, प्रसंस्करण, भंडारण, विघटन और पुनर्चक्रण, धातु शोधन, बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्रों में कार्यरत संस्थाओं को परामर्श के लिए बुलाया गया है।
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, वाहन (ईएलवी) रीसाइक्लिंग को लेकर भी इसमें चर्चा होगी। इसमें भागीदारी के लिए इन क्षेत्रों के न केवल भारतीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय हितधारकों को भी आमंत्रित किया गया है। यह बैठक डीएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में होगी।
जमीन जल्द होगी आवंटित
सूत्रों ने बताया कि एसआईआईडीसी ने ई-वेस्ट ईको पार्क के लिए डीडीए की होलंबी कलां स्थित 11 एकड़ की जमीन चिन्हित की है। इसे बाद में लगभग 10 एकड़ और बढ़ाने की योजना है। फिलहाल इस 11 एकड़ जमीन का आवंटन जल्द ही डीएसआईआईडीसी को मिल जाएगा। इसके लिए सभी कागजी कार्रवाई डीडीए के साथ लगभग पूरी कर ली गई है।
ई-वेस्ट बढ़ा रहे प्रदूषण
दिल्ली सरकार के अनुसार, देशभर में ई-कचरा बढ़ रहा है। अभी के समय में इनका निपटान असंगठित तरीके से किया जा रहा है। कई जगहों पर इनके भीतर मौजूद तांबा, पीतल एवं अन्य कीमती उपकरण निकालने के लिए उन्हें जलाया जाता है। इसके चलते प्रदूषण होता है। ई-वेस्ट पार्क में मशीनों के माध्यम से संगठित तरीके से यह कार्य होगा और इसमें किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा।





