‘नंगा नाच नहीं होगा’: DU के शहीद भगत सिंह कॉलेज फेस्ट में प्रोफेसर का हंगामा, कलाकार से माइक छीना
डीयू के शहीद भगत सिंह के फेस्ट में कॉलेज के एक प्रोफेसर द्वारा पहनावे पर ऐतराज जताकर बीच में ही कलाकार की परफॉर्मेंस रोक दी गई। प्रोफेसर ने कलाकर से माइक छीनते हुए कहा कि हमारे कॉलेज में नंगा नाच नहीं होगा।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के शहीद भगत सिंह ईवनिंग कॉलेज (SBSEC) के एनुअल कल्चरल फेस्ट 'सप्तरंग ’26' में सोमवार को कॉलेज के एक प्रोफेसर द्वारा बीच में ही एक कलाकार की परफॉर्मेंस रोके जाने से अजीबोगरीब स्थिति बन गई। कॉलेज के स्टाफ मेंबर ने डांस और म्यूजिक सेशन के दौरान फरीदाबाद के रहने वाले 28 वर्षीय कलाकार अमनदीप मुधर के पहनावे पर ऐतराज जताते हुए उन्हें स्टेज पर ही रोक दिया। प्रोफेसर ने अमनदीप से माइक छीनते हुए कहा, "हमारे कॉलेज में नंगा नाच नहीं होगा!"
इसके बाद वहां 'वंदे मातरम' बजाकर फेस्ट के पहले दिन का कार्यक्रम रद्द करते हुए फेस्ट में शामिल सभी छात्रों को कैंप खाली करने के लिए कह दिया गया। इस घटना के चलते हफ्तों से फेस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे छात्र हैरान रह गए। हालांकि फेस्ट के अन्य दिनों के कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हुए, लेकिन पहले दिन हुई यह घटना कैंपस से लेकर सोशल मीडिया तक सभी जगह चर्चा का विषय बन गई।
क्या बोले अमनदीप मधुर
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, अमनदीप मुधर ने बताया, “एक टीचर ने परफॉर्मेंस के बीच में ही स्टेज पर आकर मुझे रोक दिया और हमारी कला को ‘नंगा नाच’ कहने लगे। मुझे नहीं पता था कि टैंक टॉप पहनना बुरा माना जाएगा... फिर उन्होंने ऑडिटोरियम में 'वंदे मातरम' बजा दिया, जैसे मानो मैंने कोई शैतानी या बदतमीजी वाला काम कर दिया हो और उन्हें स्टूडेंट्स की आत्माओं को शुद्ध करने की जरूरत हो पड़ गई हो। हनी सिंह, हनुमनकाइंड और ट्रैविस स्कॉट जैसे रैपर्स ऐसे ही टॉप पहनकर परफॉर्म करते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि इसमें मेरी क्या गलती थी।''
प्रिंसिपल ने प्रोफेसर को बताया सही
प्रिंसिपल अरुण कुमार अत्री ने कहा, “प्रोफेसर ने फेस्ट को रोककर जो किया, वह बिल्कुल सही था। कॉलेज की गवर्निंग काउंसिल ने नियम बनाए हैं कि हमारे कॉलेज के कल्चरल फेस्ट में किसी भी बाहरी कलाकार को परफॉर्मेंस के लिए नहीं बुलाया जाएगा। सिर्फ कल्चरल सोसाइटीज की परफॉर्मेंस की ही इजाजत है। इसके बावजूद, स्टूडेंट्स यूनियन ने इस नियम को तोड़ा और बाहर से एक कलाकार को बुला लिया। मैं अभी देश से बाहर हूं, लेकिन वापस आते ही मैं देखूंगा कि आखिर हुआ क्या था।''
कॉलेज के छात्रों ने स्टाफ मेंबर के बर्ताव उठाए सवाल
कॉलेज के छात्रों ने फेस्ट में हुई इस घटना को निराशाजनक बताया। कई छात्रों का मानना था कि इस स्थिति में कॉलेज की प्रतिक्रिया जरूरत से ज्यादा सख्त थी। कॉलेज के एक फर्स्ट ईयर के छात्र ने कहा, "परफॉर्मेंस या पहनावे में कुछ भी गलत नहीं था।'' उसने आगे कहा, "यह मेरा पहला फेस्ट था और मुझे स्टाफ मेंबर के बर्ताव पर शर्मिंदगी महसूस हुई।"
वहीं, दूसरे छात्रों ने बताया कि इससे कॉलेज की इमेज भी खराब हुई है, क्योंकि यह घटना कैंपस के बाहर भी चर्चा का विषय बन गई है। सेकेंड-ईयर के एक स्टूडेंट ने कहा, “हमारा कॉलेज गलत वजहों से वायरल हो गया है। अगर किसी को कोई दिक्कत थी, तो उसे कहीं ज्यादा सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से उठाया जा सकता था।”


