काम की बात: फरीदाबाद में किन सेक्टरों-कॉलोनियों से गुजरेगी नमो भारत ट्रेन, कहां-कहां बनेंगे स्टेशन? जानिए रूट
Namo Bharat Train : फरीदाबाद में भी नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। एचएसवीपी और परियोजना से जुड़े अधिकारियों द्वारा सोमवार को नमो भारत के रूट में आने वाले सेक्टरों और कॉलोनियों के नक्शे-रिकॉर्ड खंगाले गए।

नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) परियोजना को लेकर सोमवार को फरीदाबाद के हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ऑफिस में करीब 4 घंटे लंबी बैठक चली। बैठक के दौरान फरीदाबाद के उन सभी सेक्टरों के नक्शे और रिकॉर्ड खंगाले गए, जहां से प्रस्तावित कॉरिडोर गुजरना है। इस बैठक में बताया गया कि परियोजना में फिलहाल सरकारी योजना बाधा नहीं है, अगर कोई बाधा आती है तो उसे समय रहते दूर किया जाएगा। अधिकारियों की बैठक से नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इससे फरीदाबाद से गुरुग्राम की दूरी मात्र 20 मिनट में सिमट जाएगी।
62 km रूट में होंगे 18 स्टेशन
राज्य सरकार गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा को आधुनिक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के माध्यम से जोड़ने की तैयारी कर रही है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर की लंबाई लगभग 62 किलोमीटर होगी। इस रूट पर 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनके माध्यम से एनसीआर के तीन प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जाएगा।
फरीदाबाद में कहां बनेंगे स्टेशन
फरीदाबाद शहर में सैनिक कॉलोनी, एनआईटी, बाटा चौक और सेक्टर-87/88 चौक प्रमुख स्टेशन होंगे। इस परियोजना पर करीब 19,390 करोड़ तक खर्च होने का अनुमान है। वहीं निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि 2031 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि एक ही ट्रैक पर नमो भारत ट्रेन और लोकल मेट्रो दोनों के संचालन का प्रस्ताव है। ऐसे में परियोजना को गति देने के लिए सोमवार को सेक्टर-12 एचएसवीपी ऑफिस में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचएसवीपी प्रशासक नीरज कुमार, अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया समेत परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित अलाइनमेंट और एचएसवीपी की मौजूदा व भविष्य की विकास योजनाओं का बिंदुवार परीक्षण किया। समीक्षा में यह सुनिश्चित किया गया कि नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण में किसी सरकारी योजना, विकसित सेक्टर या आवंटित प्लॉट की वजह से कोई बाधा उत्पन्न न हो।
ये रहेगा रैपिड ट्रेन का रूट
प्रस्तावित रूट के अनुसार कॉरिडोर गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52 और ग्वाल पहाड़ी से आगे बढ़ते हुए फरीदाबाद में प्रवेश करेगा। यहां यह सैनिक कॉलोनी, एनआईटी, बाटा चौक और सेक्टर-11 व 12 की डिवाइडिंग रोड से होकर ग्रेटर फरीदाबाद के कई सेक्टरों को जोड़ते हुए नोएडा की ओर जाएगा। फरीदाबाद में इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 16 किलोमीटर प्रस्तावित है। आगे कॉरिडोर को नोएडा एयरपोर्ट तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे शहरवासी मात्र 20 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।
पहले से बनी कॉलोनियां राह में रोड़ा न बने
बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि एचएसवीपी द्वारा पहले से विकसित की जा चुकी कॉलोनियों, आवंटित प्लॉटों और भविष्य की विकास योजनाओं पर परियोजना का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यदि किसी स्थान पर सरकारी योजना और प्रस्तावित कॉरिडोर के बीच टकराव की संभावना बनती है तो उसे प्रारंभिक स्तर पर ही दूर करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
अंतिम अलाइनमेंट बनने तक विभागों में समन्वय रहेगा
बैठक में यह भी तय किया गया कि अंतिम अलाइनमेंट तैयार होने तक विभिन्न विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा। इससे भूमि, अधोसंरचना और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े सभी बिंदुओं का समय रहते समाधान किया जा सकेगा। अधिकारियों ने माना कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल सबसे महत्वपूर्ण होगा।
संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, एचएसवीपी, ''विस्तृत अलाइनमेंट अभी अंतिम चरण में है, लेकिन विभाग पहले से सभी संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रहा है। बैठक में यह जांच की गई कि कहीं एचएसवीपी के सेक्टरों में कोई प्लॉट या सरकारी योजना प्रस्तावित कॉरिडोर से प्रभावित तो नहीं हो रही।''


