नमो भारत ट्रेन का डिपो अब पचगांव में बनाने की तैयारी, कितने स्टेशन होंगे अंडरग्राउंड?

हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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धारूहेड़ा की बजाय पचगांव में नमो भारत ट्रेन का डिपो बनाया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने करीब 99 एकड़ जमीन मांगी है। दिल्ली से बावल के बीच बनने वाले इस मार्ग में 15 नए स्टेशन होंगे।

नमो भारत ट्रेन का डिपो अब पचगांव में बनाने की तैयारी, कितने स्टेशन होंगे अंडरग्राउंड?

नमो भारत ट्रेन का डिपो अब धारूहेड़ा के बजाय पचगांव में बनेगा, जिसके लिए एनसीआरटीसी ने करीब 99 एकड़ जमीन मांगी है। जिला उपायुक्त ने एचएसआईआईडीसी की जमीन चुनकर प्रस्ताव हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन को भेज दिया है। यह ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से राजस्थान के बहरोड़ तक चलेगी, जिसके पहले चरण में सराय काले खां से बावल तक काम होगा। इस मार्ग पर 15 नए स्टेशन बनेंगे। रूट का सर्वे और पाइल टेस्ट पूरा हो चुका है।

जिला उपायुक्त ने एचएसआईआईडीसी की जमीन का चयन करके प्रस्ताव को हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (एचएमआरटीसी) को भेज दिया है। एनसीआरटीसी ने दिल्ली के सराय काले खां से लेकर गुरुग्राम और रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के बहरोड़ तक नमो भारत ट्रेन के संचालन की योजना है।

पहले चरण में कहां तक संचालन?

पहले चरण में सराय काले खां से लेकर बावल तक नमो भारत का संचालन किया जाएगा। इसके तहत एनसीआरटीसी ने पहले मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए धारूहेड़ा में करीब 172 एकड़ जमीन मांगी थी। एनसीआरटीसी ने योजना में फेरबदल किया है। पचगांव में नमो भारत के समीप डिपो का फैसला लिया है।

8 स्टेशन भूमिगत होंगे

सराय काले खां से लेकर बावल तक नमो भारत ट्रेन मार्ग में आठ स्टेशन भूमिगत बनाए जाएंगे। 15 नए स्टेशन का निर्माण होगा। इसमें दिल्ली में आईएनए, मुनिरका और एरो सिटी के अलावा गुरुग्राम में साइबर सिटी, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, खेड़की दौला, मानेसर भूमिगत होंगे।

ये काम हो चुके

साइबर सिटी से लेकर बावल तक करीब 93.5 किमी में डीजीपीएस और टोपोग्राफिकल सर्वे किया जा चुका है। 22 लोकेशन पर पाइल टेस्ट किए जा चुके हैं। पानी, सीवर, गैस आदि पाइपलाइन के स्थानांतरण के लिए जगह चयनित की जा चुकी है।

एचएमआरटीसी को प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया

जिला उपायुक्त कार्यालय ने पचगांव स्टेशन के समीप एचएसआईआईडीसी की जमीन का चयन डिपो निर्माण के लिए किया है। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार करके एचएमआरटीसी को भेज दिया है। एचएमआरटीसी के माध्यम से यह जमीन एनसीआरटीसी के हवाले की जाएगी। इसके अलावा एनसीआरटीसी ने पचगांव और धारूहेड़ा में करीब 123 एकड़ जमीन और देने का आग्रह किया है। सूत्रों के मुताबिक इस जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियों को किया जाएगा।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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