गुरुग्राम-फरीदाबाद में भी नमो भारत ट्रेन के ट्रैक पर मेट्रो चलाने का प्लान, रूट पर होंगे 18 स्टेशन
गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन के ट्रैक पर गुरुग्राम-फरीदाबाद में मेट्रो चलाने की तैयारी है। हरियाणा सरकार ने इस ट्रैक पर गुरुग्राम में आठ और फरीदाबाद में 10 स्टेशन प्रस्तावित किए हैं।

गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन के ट्रैक पर गुरुग्राम-फरीदाबाद में मेट्रो चलाने की तैयारी है। हरियाणा सरकार ने इस ट्रैक पर गुरुग्राम में आठ और फरीदाबाद में 10 स्टेशन प्रस्तावित किए हैं।
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचएमआरटीसी) ने इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को डीपीआर में इस बदलाव को शामिल करने की सिफारिश की है। नमो भारत ट्रेन के इस ट्रैक की लंबाई करीब 64 किलोमीटर है। इसमें से करीब 52 किमी हरियाणा हिस्से में है। इसमें गुरुग्राम हिस्सा इफ्को चौक से लेकर ग्वाल पहाड़ी तक करीब 14.50 किलोमीटर है।
ये है रूट प्लान
योजना के मुताबिक इफ्को चौक पर गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा और दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए शाहजहांपुर तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन का इंटरचेंज स्टेशन तैयार किया जाएगा। यहीं पर एक मेट्रो स्टेशन भी होगा। इसके बाद सेक्टर-29 में मेट्रो स्टेशन तैयार किया जाएगा। इसके पश्चात नमो भारत ट्रेन को मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन (येलो लाइन) से जोड़ा जाएगा। इसके बाद नमो भारत ट्रेन ट्रैक पर सेक्टर-52, वजीराबाद, सेक्टर-57 में स्टेशन बनेगा। सेक्टर-61 में इंटरचेंज स्टेशन होगा। यहां पर नमो भारत का स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो का स्टेशन बनेगा।
फरीदाबाद में 16 किमी में नमो भारत के ट्रैक पर मेट्रो का संचालन होगा
गुरुग्राम में अंतिम स्टेशन गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित गांव ग्वाल पहाड़ी में बनाया जाएगा। नमो भारत ट्रेन फरीदाबाद में प्रवेश करने के बाद फरीदाबाद की सैनिक कॉलोनी से लेकर बादशाहपुर तक करीब 16 किमी में नमो भारत के ट्रैक पर मेट्रो का संचालन होगा। पहला मेट्रो स्टेशन सैनिक कॉलोनी में बनाया जाएगा।
शोर अवरोधक प्रणाली का इस्तेमाल होगा
नमो भारत ट्रेन 160 से 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है। इस वजह से काफी शोर होता है। ऐसे में एनसीआरटीसी से एचएमआरटीसी ने आग्रह किया है कि रिहायशी क्षेत्रों से निकलने के दौरान शोर अवरोधक प्रणाली का इस्तेमाल किया जाए। ये मुख्य रूप से उन हिस्सों में लगाए गए हैं, जहां घनी आबादी वाले इलाकों से ट्रैक गुजरता है।


