
नमो भारत ट्रेन और मेट्रो एक ही स्थान पर मिलेंगी, गुरुग्राम के सेक्टर-56 में बनेगा बड़ा जंक्शन
गुरुग्राम के साइबर सिटी गुरुग्राम के सार्वजनिक परिवहन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रशासन ने एक महात्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत सेक्टर-56 को एक मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
गुरुग्राम के साइबर सिटी गुरुग्राम के सार्वजनिक परिवहन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रशासन ने एक महात्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत सेक्टर-56 को एक मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां प्रस्तावित गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर को मौजूदा रैपिड मेट्रो और आगामी पंचगांव मेट्रो नेटवर्क के साथ जोड़ने की तैयारी है।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सीईओ पीसी मीणा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीस) को निर्देश दिया है कि वह आरआरटीएस कॉरिडोर को सेक्टर-54 के बजाय सेक्टर-56 में रैपिड मेट्रो से जोड़ने की व्यवहार्यता की जांच करे। इस एक बदलाव से न केवल कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि दक्षिणी पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के साथ विकसित हो रहे नए सेक्टरों के निवासियों को भी उच्च गति वाली परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस एकीकरण से सेक्टर-58 से 70 के बीच रहने वाले हजारों निवासियों को सीधा फायदा होगा। वर्तमान में सेक्टर-56 से पंचगांव के बीच मेट्रो कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव पहले से ही पाइपलाइन में है। ऐसे में यदि आरआरटीएस भी यहीं आकर मिलती है, तो यात्री बिना किसी परेशानी के एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम (मेट्रो से नमो भारत) में स्विच कर सकेंगे।
एलाइनमेंट में बदलाव और नई चुनौतियां
प्रस्ताव के अनुसार, आरआरटीएस कॉरिडोर गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और बीआर अंबेडकर रोड के साथ एलिवेटेड अलाइनमेंट पर चलेगा और इफ्को चौक पर समाप्त होगा। इस एकीकरण के लिए रैपिड मेट्रो लाइन को लगभग 800 मीटर तक विस्तारित करने की आवश्यकता होगी, जिससे कॉरिडोर की कुल लंबाई में लगभग 2.7 किमी की वृद्धि होगी। इसके अलावा, ग्वाल पहाड़ी में भी एक स्टेशन बनाने की संभावना तलाशी जा रही है।
दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट की राह आसान होगी
करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाला यह छह स्टेशनों का कॉरिडोर क्षेत्रीय गतिशीलता के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट और नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बीच एक हाई-स्पीड लिंक प्रदान करेगा। यह हरियाणा से गुजरने वाला तीसरा आरआरटीएस कॉरिडोर होगा, जो फरीदाबाद के बाटा चौक और नोएडा के सेक्टर 142/168 से होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा।
विकल्पों पर विचार
बैठक में जमीन के न्यूनतम अधिग्रहण पर भी जोर दिया गया। सेक्टर-29 में एचएसवीपी की जमीन को बचाने के लिए एनसीआरटीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह संवेदनशील क्षेत्रों में अंडरग्राउंड (भूमिगत) विकल्पों पर विचार करे।





