काम की बात: दिल्ली-करनाल रूट पर चलेगी नमो भारत, 136 KM लंबे ट्रैक पर 2 बड़े मेट्रो इंटरचेंज होंगे
दिल्ली-मेरठ नमो भारत संचालन के बाद अब दिल्ली-करनाल रूट पर जल्दी काम शुरू हो सकता है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी से पहले पूरे ट्रैक पर बिजली-पानी से जुड़ी सुविधाओं की शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है। करीब 136 किलोमीटर लंबे ट्रैक का अधिकांश भाग एलिवेटिड है। इससे इस रूट को बनाने में कम समय लगेगा।

दिल्ली-मेरठ नमो भारत के सफल संचालन के बाद अब दिल्ली-करनाल रूट पर जल्दी काम शुरू हो सकता है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी से पहले पूरे ट्रैक पर बिजली-पानी से जुड़ी सुविधाओं की शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है। करीब 136 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक का अधिकांश भाग एलिवेटिड है। इस वजह से दिल्ली-करनाल रूट को बनाने में कम समय लगेगा।
एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) ने नमो भारत के पहले चरण में तीन रूट का चयन किया था। पहले नंबर पर दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत का संचालन शुरू हो गया है। दूसरे नंबर पर दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोर) तक नमो भारत चलाने की तैयारी थी। दिल्ली-पानीपत रूट तीसरे नंबर पर था। हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत रूट को बढ़ाकर दिल्ली-करनाल तक करने की मांग की। इसकी डीपीआर तैयार कर दिल्ली से करनाल तक नमो भारत चलाने पर सहमति बनी।
एनसीआरटीसी ने शुरू की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, अब दिल्ली-गुरुग्राम से पहले दिल्ली-करनाल रूट पर काम शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारी एनसीआरटीसी ने कर दी है। बीते एक माह में इस रूट पर बिजली और पानी से जुड़ी सुविधाओं के टेंडर जारी किए गए हैं। यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए टेंडर जारी होना इस बात की पुष्टि करता है कि इस रूट पर अब तकनीकी और जमीनी स्तर पर काम ने गति पकड़ ली है।
शिफ्टिंग का काम तेज
अप्रैल में ही पानीपत से करनाल के बीच बिजली की लाइनें और ट्रांसफार्म शिफ्ट करने का टेंडर जारी किया गया है। इस टेंडर में 33 केवी और 11 केवी की लाइन शिफ्टिंग की तैयारी है। दिल्ली-करनाल रोड पर करीब 36 किलोमीटर लंबे सीवर, पानी और जनता से जुड़ी जरूरतों वाली सविधाओं को शिफ्ट करने के टेंडर जारी किए गए। इस रूट पर अधिकांश ट्रैक राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। काम शुरू होने से पहले ही शिफ्टिंग की तैयारी एनसीआरटीसी कर रहा है। इससे मंजूरी मिलने के बाद ट्रैक के काम को रफ्तार मिलेगी।
दो बड़े मेट्रो इंटरचेंज होंगे
इस रूट पर दिल्ली में दो बड़े इंटरचेंज होंगे। सरायकाले खां से चलने के बाद इंद्रप्रस्थ और कश्मीरी गेट पर यह मेट्रो की अलग अलग लाइन को कनेक्ट करेगी। इससे दिल्ली के एक बड़े हिस्से को नमो भारत से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
अभी दिल्ली में आनंदविहार, न्यू अशोकनगर और सरायकाले खां पर नमो भारत और दिल्ली मेट्रो का इंटरचेंज है। दिल्ली करनाल रूट पर सरायकाले खां के अलावा इंद्रप्रस्थ और कश्मीरी गेट बड़े इंटरचेंज स्टेशन होंगे। कश्मीरी गेट पर बस अड्डा भी नमो भारत के साथ जोड़ा जाएगा।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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