काम की बात: ग्रेटर फरीदाबाद की 15 कॉलोनियों की बदलेगी सूरत, नगर निगम अपने अधीन लेगा
ग्रेटर फरीदाबाद की 15 प्लॉटेड कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। नगर निगम इन्हें अपने अधीन लेकर इनमें विकास कार्य कराएगा। इन कॉलोनियों में सीवर, पानी और बिजली संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं, जिन्हें लेकर आए दिन लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं।

ग्रेटर फरीदाबाद की 15 प्लॉटेड कॉलोनियों की सूरत बदलने वाली है। ये कॉलोनियां जल्द ही नगर निगम के अधीन होंगी। इसे लेकर नगर निगम और ग्रेटर फरीदाबाद कॉलोनियों के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि, बिल्डर के साथ निगम मुख्यालय में बुधवार को हुई बैठक में फैसला लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अमित मान ने कहा कि जिन कॉलोनियों में विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे होंगे और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होंगे, उन्हें नियमानुसार नगर निगम के अधीन लिया जाएगा। ग्रेटर फरीदाबाद में सेक्टर-75 से 89 तक बीपीटीपी बिल्डर द्वारा प्लॉटिड कॉलोनियां विकसित की गई हैं। इनमें हजारों लोग रहते हैं।
इन कॉलोनियों में वर्षों से सीवर, पानी और बिजली संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं, जिन्हें लेकर आये दिन लोग सड़कों पर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करते रहते हैं। आरडब्ल्यूए कई बार इन कॉलोनियों को बिल्डर से नगर निगम के अधीन करने की मांग कर चुका हैं, जिस लेकर बुधवार को नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर निगम मुख्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्रेटर फरीदाबाद के संयुक्त आयुक्त अमित मान ने की। बैठक में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
ठीक से नहीं हो रहा रखरखाव
लोगों ने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद की अधिकांश प्लॉटेड कॉलोनियां अभी तक नगर निगम के अधीन नहीं होने के कारण नागरिक सुविधाओं का नियमित रखरखाव नहीं हो पा रहा है, कई स्थानों पर सड़कें टूटी हुई हैं, सीवर व्यवस्था प्रभावित है, स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या लगातार बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने से समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
संयुक्त आयुक्त अमित मान ने कहा कि नगर निगम लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। ग्रेटर फरीदाबाद तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है और यहां की बढ़ती आबादी को देखते हुए बेहतर शहरी प्रबंधन जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों और डेवलपर कंपनियों के सहयोग से अधीन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
तकनीकी निरीक्षण होगा
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक कॉलोनी का अलग-अलग तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। जहां विकास कार्यों में कोई कमी मिलेगी, वहां संबंधित डेवलपर से उन्हें पूरा कराया जाएगा। सभी कमियां दूर होने और आवश्यक प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही अंतिम रूप से कॉलोनियों को नगर निगम के अधीन लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। बैठक में मौजूद आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने नगर निगम की पहल का स्वागत किया।
ये कॉलोनियां अधीन होंगी
● सेक्टर-75 से सेक्टर-89 तक की करीब 15 प्लॉटेड कॉलोनियां प्रक्रिया में शामिल।
● इनमें अधिकांश कॉलोनियां बीपीटीपी और कंट्रीवाइड प्रमोटर्स द्वारा विकसित की गई हैं।
● प्रत्येक कॉलोनी की तकनीकी जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नगर निगम को सुपुर्द किया जाएगा।
सड़क और सफाई व्यवस्था बेहतर होगी
● सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम संभालेगा।
● जल निकासी, पार्कों के रखरखाव और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद।
● शिकायतों के समाधान के लिए लोगों को सीधे नगर निगम से संपर्क का अधिकार मिलेगा।


