दिल्ली की सड़कें बार-बार खोदने का झंझट खत्म, बिजली-पानी-गैस के लिए बनेंगे 'MUD' कॉरिडोर
Multi Utility Duct Delhi: दिल्ली में बार-बार सड़कों की खुदाई से होने वाली परेशानी को कम करने के लिए मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (MUD) बनाए जाएंगे। इनमें बिजली केबल, पानी और गैस पाइपलाइन समेत अन्य जरूरी नेटवर्क बिछाए जा सकेंगे।

नई दिल्ली, अमित झा
Multi Utility Duct Delhi: राजधानी दिल्ली की सड़कें अक्सर किसी न किसी कारण से खुदी मिल जाती हैं। कभी पानी पाइल लाइन के लिए, कभी गैस तो कभी बिजली या अन्य के लिए। मगर सरकार ने अब खास इंतजाम किया है, ताकि लोगों को इस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके। न केवल आम जनता को बल्कि निर्माण से जुड़े लोगों को भी।
अब राजधानी में मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (NUD) बनाए जाएंगे। सरल शब्दों में कहें तो एक ऐसा अंडरग्राउंड कॉरिडोर होगा, जिसमें बिजली केबल, पानी और गैस पाइपलाइन या अन्य जरूरी नेटवर्क बिछाए जा सकेंगे। सरकार ने यह निर्णय हाल ही में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया- मल्टी-यूटिलिटी डक्ट के बनने के कई फायदे भी गिनाए।
- बार-बार सड़क खोदने और उसकी मरम्मत करने की जरूरत कम हो जाएगी।
- यातायात में होने वाली बाधाएं कम होंगी।
- नागरिकों को होने वाली असुविधा घटेगी।
- सड़कों की संरचनात्मक मजबूती बेहतर रहेगी।
विशेषज्ञों की तकनीकी समिति करेगी मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था के लिए जल्द ही विशेषज्ञों की एक तकनीकी समिति गठित की जाएगी। समिति में डिस्कॉम, दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग आदि विभागों के विशेषज्ञ अधिकारी शामिल होंगे। समिति की निगरानी और अनुशंसा के आधार पर राजधानी के विभिन्न इलाकों में मल्टी-यूटिलिटी डक्ट के निर्माण और विस्तार से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मल्टी-यूटिलिटी डक्ट की तकनीकी डिजाइन में वेंटिलेशन, अग्नि-सुरक्षा, रखरखाव के लिए सुगम पहुंच और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न यूटिलिटी सेवाओं को एक साझा भूमिगत कॉरिडोर में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।
चांदनी चौक क्षेत्र में दो स्थानों पर होगा पायलट प्रोजेक्ट
इस पहल को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू किया जाएगा। इसके लिए चांदनी चौक में एस्प्लेनेड रोड पर 310 मीटर और मोर सराय रोड पर 560 मीटर लंबे हिस्से का चयन प्रस्तावित है। इन पर कार्य जल्द शुरू होने वाला है। इन दोनों पायलट कॉरिडोर से प्राप्त अनुभव के आधार पर दिल्ली के अन्य हिस्सों में मल्टी-यूटिलिटी डक्ट का निर्माण किया जाएगा।
बार-बार सड़कें खोदना है गंभीर समस्या
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली जैसे तेजी से विकसित हो रहे महानगर में अलग-अलग यूटिलिटी एजेंसियों द्वारा अपनी-अपनी जरूरत के अनुसार बार-बार सड़कों की खुदाई करना गंभीर शहरी समस्या है। मल्टी-यूटिलिटी डक्ट के माध्यम से विभिन्न सेवाओं के लिए साझा भूमिगत मार्ग उपलब्ध होने से बार-बार सड़क खोदने और उसकी मरम्मत करने की जरूरत काफी कम होगी। इससे यातायात में होने वाली बाधाएं कम होंगी, नागरिकों को होने वाली असुविधा घटेगी और सड़कों की संरचनात्मक मजबूती को भी बेहतर ढंग से बनाए रखने में मदद मिलेगी।


