दिल्ली में सबसे ज्यादा लोगों ने दी अपनी जान, शादीशुदा मर्द अधिक; वजह क्या
एनसीआरबी के मुताबिक साल 2024 में दिल्ली में देश में सबसे ज्यादा लोगों ने आत्महत्याएं कीं। महज एक साल में 2905 लोगों ने खुद अपने हाथों से अपनी जान ले ली। इनमें शादीशुदा पुरुष सबसे आगे हैं और वजह है पारिवारिक विवाद।

दिल्ली है दिलवालों की... पर यहां के लोगों की जिंदादिली इतनी कम क्यों हो गई है? क्यों राजधानी में लोग बात-बात पर अपनी जान देने दे रहे हैं? नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के एक दुखद डेटा की वजह से इस तरह के सवाल उठ रहे हैं। एनसीआरबी के मुताबिक साल 2024 में दिल्ली में देश में सबसे ज्यादा लोगों ने आत्महत्याएं कीं। महज एक साल में 2905 लोगों ने खुद अपने हाथों से अपनी जान ले ली। देशभर के 53 शहरों से जुटाए गए डेटा में दिल्ली सबसे आगे है तो बेंगलुरु (2403) दूसरे और मुंबई (1404) तीसरे स्थान पर है।
हालांकि, जनसंख्या के अनुपात में देखें तो दिल्ली के मुकाबले बेंगलुरु में यह समस्या अधिक है। राजधानी में जहां प्रति लाख 13.2 लोगों ने खुदकुशी की तो बेंगलुरु में यह अनुपात 16.7 का है। मुंबई में यह दर 11 है। राहत की एक बात यह है कि आत्महत्या करने वालों की संख्या में मामूली गिरावट आई है। दिल्ली में 2022 में 3417 लोगों ने खुदकुशी की थी तो अगले साल यह संख्या में 3131 थी।
पारिवारिक समस्याएं बड़ी वजह
दिल्ली में 2024 में जिन 2905 लोगों ने खुदकुशी की इनमें से 2078 (71.5%) पुरुष थे, जबकि महिलाओं की संख्या 825 (28.4फीसदी) है, ट्रांसजेंडर दो हैं। वजहों की यदि बात करें तो पारिवारिक विवादों की वजह से सबसे अधिक लोगों ने अपनी जिंदगी असमय खत्म कर ली। 675 लोग पारिवारिक समस्याओं से तंग आकर खुदकुशी की। इसके बाद 258 ने वैवाहिक जीवन में समस्याओं और 236 ने बेरोजगारी की वजह से आत्महत्या की।
रोजगार का पैटर्न क्या
खुदकुशी करने वालों में 745 बेरोजगार थे तो 378 स्टूडेंट्स ने ऐसा कदम उठाया। 343 दैनिक मजदूर और 325 स्वरोजगार से जुड़े थे। 242 का अपना कारोबार था। खुदकुशी करने वालों में 315 गृहणी महिलाएं थीं।
शादीशुदा ज्यादा दे रहे जान
एक खास पैटर्न यह भी सामने आया है कि जिन लोगों ने खुदकुशी की उनमें अधिकतर शादीशुदा थे। खुदकुशी करने वालों में आधे से अधिक कुल 1616 शादीशुदा थे। इनमें 1162 पुरुष और 454 महिलाएं थीं। 81 अविवाहित थे तो 27 विधवा, 55 तलाकशुदा और साथी से अलग रह रहे 41 लोगों ने इस तरह का कदम उठाया।
कमाई कैसी थी?
खुदकुशी करने वालों में 1362 लोग ऐसे थे जिनकी आमदनी सालाना एक लाख से कम थी, जबकि 1258 की कमाई 1 लाख से 5 लाख सालाना के बीच थी। खुदकुशी करने वालों में 28 लोग ऐसे थे जिनकी आमदनी सालाना 10 लाख रुपये से अधिक थी।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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