'मोदी मस्ट रिजाइन!', धर्मेंद्र प्रधान के बाद CJP के निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी; मांग लिया इस्तीफा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा भी मांग रही है। शनिवार को सीजेपी की तरफ से मोदी मस्ट रिजाइन का आह्वान किया गया है।

शनिवार की सुबह दिल्ली पुलिस ने 21 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरदस्ती हटा दिया। जंतर-मंतर से हटाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लिया है और उनके इस्तीफे की मांग कर दी है। शनिवार को सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए सीजेपी ने पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग की।
पीएम मोदी से मांगा इस्तीफा
बता दें कि 28 जून से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरदस्ती जंतर-मंतर से हटा दिया। दिल्ली पुलिस के इस ऐक्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने जमकर नाराजगी जाहिर की। इस दौरान इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोज जनता पार्टी की तरफ मांग की जा रही थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। अब सीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। सीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा,"मोदी मस्ट रिजाइन"।
देश में लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ आंदोलन जंतर-मंतर तक पहुंच गया। यहां आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सोनम वांगचुक बीते 21 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। भूख हड़ताल के दौरान लगातार सोनम वांगचुक की तबीयत खराब होती जा रही थी। इस दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि किसी भी कीमत पर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाना चाहिए। हाई कोर्ट के इस निर्देश के कुछ दिनों बाद दिल्ली पुलिस ने जबरदस्ती जंतर मंतर धरनास्थल से सोनम वांगचुक को उठा लिया और कहा कि उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब उनको हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजी दीपके अनशन पर बैठ गए हैं।
'सोनम वांगचुक को हटाना तानाशाही'
दीपके ने कहा कि वांगचुक को इस तरह से हटाना 'तानाशाही' है जिसका विरोध जरूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो में कहा कि दिल्ली पुलिस ने सोनम सर (वांगचुक) को जंतर-मंतर से उठा लिया है। पुलिस ने विद्यार्थियों पर भी लाठीचार्ज किया है। मैं अभी अपने दोस्त के घर गया था, जहां मुझे बंद कर दिया गया और मेरे साथ भी मारपीट की गयी। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को उठाने के बाद उन्होंने मुझे छोड़ दिया है लेकिन जंतर-मंतर जाने की अनुमति अभी भी नहीं है। जो भी लोग यह वीडियो देख रहे हैं, मैं उनसे अपील करता हूं कि हमें देशभर में प्रदर्शन करना होगा। सभी से अनुरोध है कि कोई नियम तोड़े बिना शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें। हमें जवाब देना होगा कि हम तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
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