दिल्ली में ‘युद्ध जैसे हालत’ से निपटने के लिए कराई गई मॉक ड्रिल- VIDEO
दिल्ली के सभी 13 जिलों में हुए इन अभ्यासों का मकसद अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करना और आम लोगों को जागरूक करना था।

राजधानी दिल्ली में आपदा और युद्ध जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को बड़े स्तर पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की गई। दिल्ली के सभी 13 जिलों में हुए इन अभ्यासों का मकसद अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करना और आम लोगों को जागरूक करना था।
डायरेक्टरेट ऑफ सिविल डिफेंस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह मॉक ड्रिल राजधानी के कई अहम स्थानों पर की गई। उत्तर और पुरानी दिल्ली के शॉपिंग मॉल, अस्पताल, स्कूल और जिला प्रबंधन कार्यालयों को इसमें शामिल किया गया, ताकि अलग-अलग परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण हो सके।
नई दिल्ली जिले में, जहां वीआईपी और विदेशी नागरिकों की आवाजाही ज्यादा रहती है, ड्रिल का आयोजन ताज पेलेस होटल और केंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में किया गया। यहां इमरजेंसी रिस्पॉन्स, रेस्क्यू ऑपरेशन और भीड़ प्रबंधन जैसे पहलुओं पर खास ध्यान दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इन अभ्यासों का उद्देश्य किसी भी संभावित हमले या प्राकृतिक आपदा के दौरान स्थानीय सिस्टम को तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना है। ड्रिल के जरिए यह भी जांचा गया कि पुलिस, फायर सर्विस, मेडिकल टीम और प्रशासन के बीच समन्वय कितना मजबूत है।
आपको बताते चलें कि पिछले साल 7 मई को भी देशभर में इसी तरह के मॉक ड्रिल आयोजित किए गए थे। इनमें गृह मंत्रालय के निर्देश पर कई राज्यों ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद “ऑपरेशन शील्ड” के तहत सीमावर्ती राज्यों- पंजाब, राजस्थान, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी ऐसे अभ्यास किए गए थे।
इन ड्रिल्स में एयर-रेड सायरन, ब्लैकआउट और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसी परिस्थितियों को सिमुलेट किया गया। खासतौर पर सीमा से सटे इलाकों में यह देखा गया कि किसी हमले या खतरे की स्थिति में आम लोग और एजेंसियां कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभ्यास से न सिर्फ कमियों की पहचान होती है, बल्कि उन्हें दूर करने का मौका भी मिलता है। इससे देश की सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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