बारात में लूटे रुपए के बंटवारे में विवाद, नाबालिग की चाकू गोदकर हत्या; नोएडा में सनसनीखेज वारदात
नोएडा के झुंडपुरा में गुरुवार रात बारात चढ़त में लूटे रुपए को लेकर हुए विवाद में नाबालिग की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया। मुख्य आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया।

नोएडा के झुंडपुरा में गुरुवार रात बारात चढ़त में लूटे रुपए को लेकर हुए विवाद में नाबालिग की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया। मुख्य आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-11 में लक्की बाथम परिवार संग रहते हैं। वह मेहनत मजदूरी करते हैं। उनका 17 साल का बड़ा बेटा श्याम और छोटा बेटा गुरुवार रात को झुंडपुरा में बारात में गए थे। दोनों भाइयों के साथ सेक्टर-11 के रहने वाले दो नाबालिग के अलावा आसिफ उर्फ अत्थी, तौसीफ, सुदामा, सरफराज भी बारात में शामिल हुए थे।
आसिफ ने श्याम पर चाकू से हमला
वहां पर सभी ने चढ़त में रुपए लूटे। दोनों भाइयों का एक नाबालिग से लूटे गए रुपए के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। नाबालिगों ने दोनों भाइयों पर ज्यादा रुपए लेने का आरोप लगाया। यह बात घर लौटते समय अपने साथियों को भी बताई।
नाबालिग ने आसिफ उर्फ अत्थी, तौसीफ, सुदामा, सरफराज और अन्य के साथ मिलकर इस बात का विरोध किया तो श्याम और आसिफ उर्फ अत्थी में हाथापाई हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आसिफ ने गुस्से में श्याम पर चाकू से हमला कर दिया। इससे श्याम लहुलूहान हो गया था।
बिहार भागने की फिराक में था
पूछताछ में सामने आया है कि नाबालिग पर चाकू से वार करने वाला आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ बिहार भागने की फिराक में था। ट्रेन की टिकट के लिए उसने अपने करीबियों से बात भी की थी। हालांकि, पुलिस की टीमें केस दर्ज करने के बाद से ही आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
आरोपी शहर से भाग पाते उसके पहले ही पुलिस उन तक पहुंच गई और गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने वारदात करने की बात स्वीकार भी कर ली है। नाबालिग की हत्या के बाद से आसपास के लोग सदमे में हैं। शुक्रवार को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


