नाबालिग को बंधक बनाकर 5 दिन तक रेप, गाजियाबाद से अगवा कर बिहार ले गया था

हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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गाजियाबाद से बिहार ले जाकर एक नाबालिग लड़की से 5 दिन तक रेप करने का सससनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी लड़की का दूर का रिश्तेदार है। बताया जा रहा है कि आरोपी की शादी नहीं हो रही थी। उसने अपने भाई के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस की दो टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं।

नाबालिग को बंधक बनाकर रेप किया।
नाबालिग को बंधक बनाकर रेप किया।

गाजियाबाद के खोड़ा थानाक्षेत्र में रहने वाले युवक ने शादी न होने पर रिश्तेदार किशोरी को अपने भाई के साथ मिलकर अगवा कर लिया। आरोपी किशोरी को ट्रेन से बिहार में गया के पास एक गांव में ले गए, जहां उसे पांच दिनों तक अंधेरे कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ रेप किया। केस दर्ज होने का पता चलते ही आरोपी किशोरी को खोड़ा पुस्ता पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

खोड़ा की एक कॉलोनी में रहने वाले व्यक्ति की 14 साल की बड़ी बेटी 29 अगस्त की सुबह लगभग दस बजे किसी काम से घर से बाहर गई थी, जिसके बाद वह वापस नहीं आई। वह तीन दिनों तक बेटी की तलाश करते रहे। बेटी की तलाश में दिल्ली, नोएडा, फर्रुखाबाद और एटा में रिश्तेदारों के यहां भी गए, लेकिन बेटी का कुछ पता नहीं चला। एक सितंबर को उन्होंने थाने में बेटी के लापता होने की सूचना दी। इसके बाद उन्होंने पड़ोस में रहने वाले 50 साल के मदन सिंह और उसके भाई 40 साल गौतम के परिवार से जानकारी करने का प्रयास किया।

पीड़ित परिवार के मुताबिक दोनों दूर के रिश्तेदार हैं। इसलिए उन्होंने पूछताछ की थी, लेकिन बेटी के बारे में पूछते ही मदन के परिवार की महिलाओं ने अभद्रता शुरू कर दी। उन्हें धमकी दी और भगा दिया। इससे उन्हें शक हुआ, क्योंकि पूछताछ के वक्त गौतम मौजूद भी नहीं था। उन्होंने पुलिस को इस बारे में बताया, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। आरोपियों की कॉल डिटेल निकलवाई। इसी बीच चार सितंबर को उनकी बेटी घर पहुंची। परिजनों को उसने आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस ने किशोरी का मेडिकल करवाया। जांच में रेप की पुष्टि हुई। बुधवार को पुलिस ने अदालत में किशोरी के बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने बताया कि गौतम उससे शादी करना चाहता था, इसीलिए अगवा कर लिया था।

अंधेरे में मुंह बांधकर रखता था

पीड़िता ने बताया कि जिस कमरे में पांच दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था, उसमें बिजली भी नहीं थी। कमरे में हमेशा अंधेरा रहता था। गौतम जब कमरे में होता तो उसके हाथ खोल देता था। सामान लेने बाहर जाता था तो उसे बांधकर कमरे को बाहर से ताला लगाकर चला जाता था।

आरोपी की शादी नहीं हो रही थी

किशोरी के पिता के अनुसार दोनों आरोपी उनके दूर के रिश्तेदार लगते हैं। रेप करने वाला आरोपी गौतम किशोरी का चचेरा भाई लगता है। जब वह मदन और गौतम के घर बेटी के बारे में बातचीत करने गए थे तो मदन और उसकी पत्नी घबरा गए थे और उनसे गाली-गलौज करते हुए धमकी दी थी, जिससे उन्हें दोनों पर संदेह हुआ था। गौतम की उम्र काफी हो चुकी है और शादी भी नहीं हो रही थी। उन्होंने यह बात पुलिस को बताई थी।

पांच दिन तक बंधक बनाकर रखा

घर लौटी किशोरी ने परिजनों को बताया कि घर से निकलने के बाद उसे मदन और गौतम मिले थे। दोनों ने कहा कि उसकी मां ने कहीं ले जाने के लिए कहा है और आरोपी उसे अपने साथ ले गए और ट्रेन में बैठाकर बिहार ले गए। रास्ते में किशोरी ने मम्मी से बात करने की जिद की तो दोनों ने बहाना बना दिया। दोनों उसे बिहार में गया के पास बजोल गांव में ले गए और एक कमरे में बंधक बना लिया। किशोरी को वहां छोड़ने के बाद मदन गाजियाबाद लौट आया, जबकि गौतम ने किशोरी को कमरे में ही बंधक बनाए रखा। गौतम ने उससे कई बार रेप किया।

आरोपियों की तलाश में पुलिस

इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त सूर्यबली मौर्य ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर एक सितंबर को अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि होने और आरोपियों की पहचान होने के बाद पॉक्सो की धारा बढ़ाई है। बुधवार को किशोरी के अदालत में बयान दर्ज करवाए हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीम यूपी और बिहार में संभावित ठिकाने पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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