भोंडसी से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक चलेगी मेट्रो, 20 KM लंबे रूट पर कुल 17 स्टेशन होंगे
भोंडसी से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना है। करीब 20 किलोमीटर लंबे रूट पर 17 स्टेशन बनाए जाएंगे। राइट्स ने प्रस्तावित मेट्रो का रूट तैयार कर लिया है। हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि अभी प्रस्तावित रूट को मंजूरी नहीं दी गई है। इसमें बदलाव भी हो सकता है।

गुरुग्राम-सोहना हाईवे स्थित भोंडसी से लेकर गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो की योजना तैयार हो गई है। करीब 20 किलोमीटर लंबे मेट्रो मार्ग में 17 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इन मेट्रो स्टेशन में सेक्टर-5 मेट्रो स्टेशन को शामिल नहीं किया गया है। क्योंकि यह ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो और भोंडसी से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो का इंटरचेंज स्टेशन प्रस्तावित है।
गत 17 मार्च को हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (एचएमआरटीसी) की एक बैठक मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें भोंडसी से लेकर गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो मार्ग की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) को 1.41 करोड़ रुपये में सौंपने की मंजूरी दी थी। राइट्स ने प्रस्तावित मेट्रो मार्ग तैयार कर लिया है।
इन जगहों पर बनेंगे स्टेशन
इसके मुताबिक गुरुग्राम-सोहना हाईवे स्थित गांव भोंडसी में मेट्रो का पहला स्टेशन बनेगा। इसके बाद मोहन नगर, पावर कॉलोनी, बादशाहपुर में स्टेशन तैयार करने का प्रस्ताव है। बादशाहपुर से मेट्रो मार्ग अंसल असेंशिया सोसाइटी की तरफ मुड़ जाएगा। इसके बाद सेक्टर-67, एम3एम अर्बाना चौक, सेक्टर-65, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, फ्रेस्को स्क्वेयर, साउथ सिटी दो, सेक्टर-47, बख्तावर चौक, मेदांता अस्पताल, मिनी सचिवालय, सदर बाजार, सेक्टर-8 (प्रेम मंदिर), भीम नगर में स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों से गुजरेगी
सेक्टर-पांच में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के इंटरचेंज स्टेशन से होते हुए मेट्रो मार्ग गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक जाएगा। एचएमआरटीसी की शुरुआती योजना के मुताबिक भोंडसी से सोहना-गुरुग्राम होते हुए सुभाष चौक, राजीव चौक से सदर बाजार व रेलवे रोड होते हुए रेलवे स्टेशन तक मेट्रो मार्ग का निर्माण करने की थी। अधिकारियों की मानें तो ऐसा होने से मेट्रो में यात्रियों की संख्या कम होती, लेकिन अब इसको भीड़भाड़ वाले इलाकों से निकाला गया है। इससे यात्रियों की संख्या अधिक होगी।
एचएमआरटीसी की मंजूरी का इंतजार
पिछले सप्ताह राइट्स ने इस मेट्रो मार्ग को लेकर एचएमआरटीसी और जीएमआरएल (गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड) के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुति दी थी। इस मेट्रो मार्ग को लेकर अब एचएमआरटीसी, जीएमडीए और जीएमआरएल के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें इस मेट्रो मार्ग को रखा जाएगा। इसके पश्चात मेट्रो मार्ग की अंतिम डीपीआर तैयार होगी। इस बैठक में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि अभी प्रस्तावित मेट्रो मार्ग को मंजूरी नहीं दी गई है। इसमें बदलाव हो सकता है।
रैपिड मेट्रो मार्ग पर पेड़ों की छंटाई होगी
गोल्फ कोर्स रोड पर रैपिड मेट्रो मार्ग के डिवाइडर पर लगे पेड़ों की छंटाई की जाएगी। जीएमडीए ने इस सिलसिले में डीएलएफ प्रबंधन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एचएमआरटीसी ने रैपिड मेट्रो मार्ग पर पिलर के ऊपर विज्ञापन लगाने की अनुमति अलग-अलग कंपनियों को दी हुई है। इन कंपनियों की तरफ से बताया गया है कि पिलर के साथ-साथ बड़े-बड़े पेड़ हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
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