डिजिटल तरीके से जुर्माना वसूलने की तैयारी कर रही MCD, 30 दिनों के भीतर अपील की सुविधा मिलेगी
दिल्ली नगर निगम डिजिटल सिस्टम से जुर्माना वसूलने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 'जन विश्वास अधिनियम, 2026' के तहत नागरिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने और उसे वसूलने के लिए एक डिजिटल सिस्टम बनाने की योजना बनाई जा रही है।

दिल्ली नगर निगम डिजिटल सिस्टम से जुर्माना वसूलने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 'जन विश्वास अधिनियम, 2026' के तहत नागरिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने और उसे वसूलने के लिए एक डिजिटल सिस्टम बनाने पर काम चल रहा है। इस प्रस्तावित सिस्टम में 'MCD 311' ऐप में बदलाव के साथ-साथ एक खास 'बैकएंड पोर्टल' भी शामिल हो सकता है। इस पोर्टल के जरिए फील्ड अधिकारी निरीक्षण के बाद मौके पर ही जुर्माना लगा सकेंगे और उसका सबूत भी अपलोड कर सकेंगे।
दिल्ली नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि इसे लागू करने के तरीके पर मंगलवार को चर्चा हुई। मैनुअल सिस्टम के बजाय एक डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत नोटिस जारी करने, पैसे वसूलने और नोटिस पहुंचाने के काम डिजिटल तरीके से किए जाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत फील्ड स्तर के अधिकारियों को दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 के तहत उल्लंघनों के लिए मौके पर ही जांच करने और जुर्माना लगाने का अधिकार होगा। अगर कोई भुगतान नहीं करता है तो उसे अधिकारी के सामने पेश होना होगा। बकाया टैक्स के तौर पर रकम वसूलने का भी प्रावधान है। अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में वसूली के लिए संपत्तियों को भी कुर्क किया जा सकता है।
यह डिजिटल पहल 'जन विश्वास अधिनियम, 2026' के लागू होने के बाद आई है। इस अधिनियम में कई छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। हाल ही में जारी एक ऑर्डर में एमसीडी ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को सिविल जुर्माना लगाने के लिए अथॉरिटी के तौर पर काम करने का अधिकार दिया गया है। ऐसे आदेशों के खिलाफ अपील सुनने के लिए डिप्टी कमिश्नरों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अपीलीय अथॉरिटी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि चूंकि पहले सब कुछ मैन्युअल था, इसलिए हर एक व्यक्ति पर जुर्माना लगाना मुमकिन नहीं था। लेकिन अगर यह पूरी तरह से डिजिटाइज़ हो जाता है तो फॉलोअप और उसे लागू करना आसान हो जाएगा। संशोधित ढांचे के तहत निर्णय लेने वाले अधिकारियों के पास लोगों को बुलाने, सबूतों की जांच करने और जुर्माना लगाने की शक्तियां होंगी।
जुर्माना के आदेशों के खिलाफ अपील 30 दिनों के भीतर की जा सकती है, जबकि अपीलीय अधिकारियों को 60 दिनों के भीतर मामलों का निपटारा करना होगा। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था 15 मई को अधिसूचित की गई थी। नगर निकाय अभी इसे लागू करने के लिए काम कर रहा है।
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Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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