काम की बात: MCD दिल्ली में बनाने जा रहा 49 नई पार्किंग और 9 मल्टीलेवल प्रोजेक्ट्स, जानें आपके इलाके का प्लान

Praveen Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली नगर निगम (MCD) हाल के वर्षों में शहर के सबसे बड़े पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार में से एक की तैयारी कर रहा है। इसमें शहर के कुछ सबसे भीड़भाड़ वाले बाजारों और ट्रैफिक से भरे इलाकों में 49 सरफेस पार्किंग और नौ मल्टीलेवल प्रोजेक्ट शामिल हैं।

MCD दिल्ली में बनाने जा रहा 49 नई पार्किंग और 9 मल्टीलेवल प्रोजेक्ट्स, जानें आपके इलाके का प्लान

दिल्ली के सबसे भीड़भाड़ वाले और जाम से जूझते बाजारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दिल्ली की सड़कों पर बढ़ते गाड़ियों के दबाव और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कमर कस ली है। एमसीडी ने राजधानी के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े पार्किंग प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहा है। इसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में 49 नई सरफेस (रोडसाइड) पार्किंग और 9 बड़े मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट्स बनाए जाएंगे।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एमसीडी दिल्ली के सबसे व्यस्त कमर्शियल और रिहायशी इलाकों जैसे करोल बाग, रोहिणी, नजफगढ़, पीतमपुरा और सिटी-एसपी जोन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने जा रहा है।

किस इलाके में कितनी पार्किंग की योजना

49 सरफेस पार्किंग प्रस्तावों में से पांच करोल बाग में, 8 सिटी-एसपी जोन में, 3 रोहिणी में और 10 नजफगढ़ में हैं। कुछ प्रस्ताव सिविल लाइंस, शाहदरा उत्तर और दक्षिण, पश्चिम, केशव पुरम और मध्य जोन में भी प्रस्तावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कई जगहों की पहचान पहले ही की जा चुकी है, जबकि कई अन्य इलाकों में निरीक्षण और फिजिबिलिटी स्टडी चल रहे हैं। इन इलाकों में सड़क किनारे खाली जमीन, खाली प्लॉट और मार्केट के पास की जगहों का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि उन्हें व्यवस्थित पार्किंग सुविधाओं में बदला जा सके।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एमसीडी ने जमीन की पहचान करना शुरू कर दिया है। इसके प्रस्ताव पहले से ही प्रक्रिया में हैं और कई जमीन मालिक एजेंसियों से मंजूरी मांगी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह पूरा प्रोजेक्ट दो-तीन साल में पूरा होने की संभावना है।

मल्टीलेवल पार्किंग के लिए 25 जगहों का चयन

अधिकारियों ने बताया कि मल्टीलेवल पार्किंग के लिए 25 जगहों का चयन किया जा रहा है, जिनमें से 9 प्रस्ताव एडवांस स्टेज पर हैं और इनमें सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इस योजना के केंद्र में ईदगाह मेट्रो स्टेशन के पास एक विशाल मल्टीलेवल सुविधा है। यह इलाका सदर-पहाड़गंज कमर्शियल बेल्ट के पास स्थित है, जो अपनी थोक बाजार की ट्रैफिक, सड़क किनारे पार्किंग और रोजाना होने वाले ट्रैफिक जाम के लिए बदनाम है।

लगभग 23,000 वर्गमीटर में फैली इस प्रस्तावित रैंप-टाइप पार्किंग में लगभग 2100 कारें खड़ी हो सकेंगी। इसकी अनुमानित लागत 346 करोड़ रुपये है, जो इसे शहर में विचाराधीन सबसे बड़े पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्तावों में से एक बनाती है। यह पार्किंग एक पुराने बूचड़खाने की जमीन पर प्रस्तावित है। शुरू में इसे मुख्यमंत्री विकास कोष के तहत बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बनाया जाएगा।

केशवपुरम और शालीमार बाग में बनेगी पजल टाइप पार्किंग

वहीं, केशव पुरम जोन के तहत पीतमपुरा के L.U. ब्लॉक में 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पजल-टाइप ऑटोमेटेड पार्किंग का एक और अहम प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट को अभी जमीन के इस्तेमाल की मंजूरी का इंतजार है, क्योंकि यह प्लॉट शिक्षा विभाग का है।

शालीमार बाग के U.V. ब्लॉक में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से एक और पजल टाइप मल्टीलेवल पार्किंग सिस्टम का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि शाहदरा नॉर्थ के बाबरपुर में लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से G+4 पार्किंग बनाने की योजना है।

शाहदरा साउथ जोन के तहत प्रीत विहार मार्केट में स्थित कम्युनिटी सेंटर में 380 करोड़ रुपये की लागत से एक मल्टी-लेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही करोल बाग, मादीपुर और रानी बाग जैसे इलाकों में भी ऐसे ही प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ये ऐसे इलाके हैं, जहां पार्किंग की कमी की वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम लग जाता है, सड़कों पर अतिक्रमण हो जाता है और पीक आवर्स में भीड़भाड़ और भी बढ़ जाती है।

वर्तमान में दिल्ली में 30 मल्टीलेवल पार्किंग हैं, जबकि एमसीडी 419 सरफेस पार्किंग स्थलों का संचालन करती है।

Praveen Sharma

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प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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