पूरी दिल्ली में इमारतों की होगी जांच, पीजी बिल्डिंगों का भी होगा ऑडिट; आदेश
दिल्ली में सत्य निकेतन की इमारत गिरने से 5 मौतों के बाद एलजी, सरकार और एजेंसियां एक्शन मोड में हैं। एमसीडी ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को 10 सितंबर तक इमारतों की जांच कर के रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद एलजी, सरकार और एजेंसियां ऐक्शन मोड में हैं। MCD ने सभी जोन के अपने एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र की सभी इमारतों की जांच करें और 10 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपें। वहीं एलजी तरनजीत सिंह संधू ने अधिकारियों को पीजी वाले इलाकों में सभी इमारतों का एक हफ्ते के भीतर स्ट्रक्चरल ऑडिट करने का आदेश दिया है। इसके लिए अधिकारियों से विशेष जांच अभियान चलाने को कहा गया है।
पूरी दिल्ली में इमारतों की होगी जांच, MCD के आदेश
अधिकारियों ने बताया कि MCD ने सभी जोन के अपने एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली इमारतों की सघन जांच कर के 10 सितंबर तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी को एक हलफनामे में शामिल किया जाएगा। यह हलफनामा 10 दिनों के भीतर दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। एमसीडी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, हर जोन में संबंधित एडिशनल कमिश्नर खुद जांच और रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
पीजी वाले इलाकों में इमारतों का होगा ऑडिट
वहीं लोक निवास के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पीजी वाले इलाकों में सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट एक हफ्ते के भीतर करने को कहा है। इस बारे में मुख्य सचिव को आदेश जारी कर दिए गए हैं। एलजी संधू ने सीएम रेखा गुप्ता के साथ मिलकर सरकार और एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल बैठक भी की। लोक निवास ने कहा कि जिलाधिकारी, पुलिस उपायुक्त, एमसीडी के उपायुक्त की समितियां पीजी में रहने वाले छात्रों से खुद संपर्क करेंगी और उनकी समस्याएं सुनेंगी। छात्रों का एक पूरा डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
बिना सोचे-समझे सीलिंग से फैलेगा पैनिक
एलजी ने कहा कि बिना सोचे-समझे सीलिंग की कार्रवाई से पैनिक फैलेगा। इससे स्टूडेंट बेघर हो जाएंगे। सबसे पहले उन जगहों पर जांच हो जहां स्टूडेंट पीजी में रह रहे हैं। उन मकान मालिकों की जांच की जानी चाहिए जिन्होंने प्रथम दृष्टया ऊंचाई और फ्लोर से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है। उपराज्यपाल ने एक पोस्ट में कहा कि शहरी विकास मंत्री संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक कमिटी को देखेंगे जो पीजी दिशानिर्देश की समीक्षा करेगी और विश्वविद्यालयों, एमसीडी और डीडीए के जरिए छात्रों के लिए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशेगी।
सीएम ने भी दिए सभी पीजी की गहन जांच के आदेश
वहीं यूनीवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल के पास के सभी संवेदनशील भवनों और पीजी की भी गहन जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार MCD के साथ मिलकर ऐसी नीति लाएगी जिसके तहत सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रही हर बिल्डिंग का समय-समय पर संरचनात्मक ऑडिट और भवन सुरक्षा प्रमाणन अनिवार्य किया जाएगा। इनमें पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल या कोई अन्य संस्थानों के संचालन वाली इमारतें शामिल हैं। सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना किसी भी इमारत में सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पूरी दिल्ली में अवैध 5 मंजिला इमारतों को सील करने के आदेश
यूनीवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पूरी दिल्ली में अवैध पांच मंजिला इमारतों को तत्काल सील करने के आदेश दिए हैं। आसपास के पीजी और अन्य भवनों का भी गहन जांच की जाएगी। जांच में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भवन को तत्काल सील कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी छात्र को असुरक्षित PG में रहने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा। हमने बिल्डिंग से निकाले गए छात्रों के लिए कॉलेज हॉस्टल में रहने का इंतजाम किया है।


