
दिल्ली में 6 महीने में 600 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी, बैट्री स्वैपिंग सेंटर भी बनेंगे
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी कड़ी में निगम प्रशासन अगले छह महीने के भीतर शहर के विभिन्न हिस्सों में 600 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगा।
राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी कड़ी में निगम प्रशासन अगले छह महीने के भीतर शहर के विभिन्न हिस्सों में 600 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगा।
सभी 12 जोन में लगाए जाएंगे चार्जिंग स्टेशन
ये स्टेशन निगम के सभी 12 जोन में चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे। इसके लिए निगम केंद्र सरकार की विभिन्न पीएसयू कंपनियों और निजी बिजली कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार के पावर मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। इन स्टेशनों को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि आम नागरिकों को अपने घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों के नजदीक ही चार्जिंग सुविधा मिल सके। इसके तहत कई कॉलोनियों, आवासीय सोसाइटियों और प्रमुख बाजार परिसरों के आसपास ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
दिल्ली में अब तक 422 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित
अधिकारियों ने बताया कि निगम पहले ही दिल्ली में 422 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर चुका है। अब अतिरिक्त 600 नए स्टेशन लगाए जाने से राजधानी में ईवी चार्जिंग नेटवर्क और मजबूत होगा। प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन पर दोपहिया वाहनों और कारों के लिए चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। सामान्य तौर पर एक स्टेशन पर दो से चार चार्जिंग यूनिट होंगी, जबकि कुछ स्थानों पर जरूरत के अनुसार इससे अधिक यूनिट भी लगाई जाएंगी। निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल चार्जिंग ही नहीं, बल्कि बैट्री स्वैपिंग यानी बैट्री बदलने वाले स्टेशनों को भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए कई वार्डों में निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है, ताकि खासकर दोपहिया ईवी उपयोगकर्ताओं को कम समय में बैट्री बदलने की सुविधा मिल सके।
ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए निगम ने केंद्र सरकार के अधीन कई पीएसयू कंपनियों और अन्य बिजली कंपनियों को स्टेशन स्थापित करने की अनुमति दी है। इसके तहत निगम ने विभिन्न स्थानों पर जमीन भी उपलब्ध कराई है। इसके अलावा निगम की पार्किंग स्थलों में भी ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाने की अनुमति दी गई है। इन ईवी चार्जिंग स्टेशनों को राजौरी गार्डन, लाजपत नगर, नरेला, रोहिणी, मुंडका, नांगलोई, नजफगढ़, मंगोलपुरी, जनकपुरी, मालवीय नगर सहित उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में स्थापित किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों से शून्य उत्सर्जन
ऑटो विशेषज्ञों के अनुसार, बीईवी (बैट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल) और प्योर ईवी मूल रूप से एक ही हैं। ये वाहन पूरी तरह से बैटरी में संग्रहित बिजली से चलते हैं और इनमें कोई गैसोलीन इंजन नहीं होता, इसलिए ये शून्य उत्सर्जन करते हैं। इन्हें रिचार्ज करने के लिए प्लग-इन की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, हाइब्रिड (एचईवी) या प्लग-इन हाइब्रिड (पीएचईवी) वाहनों में इलेक्ट्रिक मोटर और गैसोलीन इंजन का उपयोग होता है।





