काम की बात: दिल्ली में MCD ने कॉमर्शियल वाहनों की एंट्री पर शुल्क बढ़ाया, अब कितना देना होगा?

Krishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, राहुल मानव, नई दिल्ली
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दिल्ली नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कॉमर्शियल वाहनों की एंट्री पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) में भारी बढ़ोतरी की है। नई ईसीसी दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

दिल्ली में MCD ने कॉमर्शियल वाहनों की एंट्री पर शुल्क बढ़ाया, अब कितना देना होगा?

दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने वाणिज्यिक वाहनों के लिए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) में बढ़ोतरी कर दी है। इससे निगम तत्काल प्रभाव से लाइट मोटर वाहनों (एलएमवी) पर लागू कर रहा है। निगम के टोल विभाग ने एलएमवी के लिए ईसीसी को 1400 रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये कर दिया है। इसके अतिरिक्त ट्रकों के लिए 2600 रुपये से बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया है। इसके मद्देनजर इन वाहनों पर ईसीसी लगभग 40 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। निगम प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए टोल नाकों के लिए यह ऑडर जारी किया है।

टोल प्लाजा और राजस्व की स्थिति

- 124 एमसीडी टोल प्लाजा दिल्ली में हैं।

- 10 टोल प्लाजा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हैं।

वाहन श्रेणी पिछला ईसीसी नया ईसीसी

हल्के मोटर वाहन (एलएमवी)/हल्के वाहन 1,400 रुपये 2,000 रुपये

दो-धुरी वाले (टू एक्सएल) ट्रक 1,400 रुपये 2,000 रुपये

तीन-एक्सल ट्रक और उससे ऊपर 2,600 रुपये 4,000 रुपये

(सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए निगम ने बढ़ी हुई नई ईसीसी दरों की संरचना का विवरण दिया है। ईसीसी संशोधित शुल्कों को वाहन के आकार और प्रकार के आधार पर वर्गीकृत किया गया है)

फैसले से होगा असर

1- सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सब्जियों, फलों, दूध और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के लिए पहले दी गई छूटें समाप्त हो गई हैं। इन वस्तुओं के ले जाने वाले वाहनों के नई दरों के अनुसार टोल शुल्क देना होगा।

2- महंगाई और बढ़ती परिचालन लागतों का मुकाबला करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक वर्ष एक अप्रैल से ईसीसी दरों में पांच फीसदी की वार्षिक वृद्धि अनिवार्य कर दी गई है।

3- इस फैसले से टोल नाकों पर भीड़भाड़ को कम करना उद्देश्य है। गाजीपुर जैसे टोल नाके पर वाहनों को जांच के लिए उन्हें रोकने का प्रावधान समाप्त किया गया है। इससे व्यस्त टोल नाकों पर भीड़भाड़ को समाप्त किया जा सकेगा।

4- बढ़ी हई ईसीसी दरों का यह भी लक्ष्य है कि बड़े हैवी ट्रकों को दिल्ली की सड़कों पर प्रवेश को हतोत्साहित करना है। उन्हें इसके बजाय बाहरी एक्सप्रेसवे का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

निगम को टोल नाकों से इतना हुआ राजस्व

1- 2024-25 वित्तीय वर्ष में टोल टैक्स से निगम को 858.86 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

2- 2025-26 वित्तीय वर्ष के बजट अनुमान में निगम ने टोल शुल्क से 900 करोड़ रुपये के राजस्व अर्जित करने की स्वीकृति दी थी।

3- 2025-26 वित्तीय वर्ष में आधे वर्ष के दौरान निगम को टोल टैक्स से 433.71 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ।

4- 100 करोड़ रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में वसूला गया था

5- अब निगम ने 2025-26 वित्तीय वर्ष में मार्च 2026 तक टोल टैक्स से 864.18 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने को प्रस्तावित किया।

6- नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में निगम ने टोल टैक्स से 900 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित करने की बात प्रस्तावित की।

नई ईसीसी दरें तत्काल प्रभाव से लागू

निगम अधिकारियों के अनुसार, निगम के अधीन आने वाले सभी 124 टोल नाकों पर नई ईसीसी दरें तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत टोल विभाग ने इस ऑर्डर को जारी किया है। अब से एलएमवी व कर्मशियल ट्रकों को नई दरों के अनुसार ईसीसी देना होगा। ये संशोधित दरें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों सहित सभी वाहनों पर समान रूप से लागू होंगी। निगम को वित्तीय वर्ष के दौरान लगभग 100 करोड़ रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क से राजस्व प्राप्त होता है।

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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