दिल्ली में पलूशन से निपटने के लिए जारी 38 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाई MCD

Jan 14, 2026 11:43 pm ISTRatan Gupta पीटीआई, नई दिल्ली
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दिल्ली में बढ़ते पलूशन से निपटने के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत साल 2024-25 में जारी किए गए 38.67 करोड़ रुपये नगर निगम (MCD) द्वारा खर्च नहीं किए जा सके।

दिल्ली में पलूशन से निपटने के लिए जारी 38 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाई MCD

दिल्ली में बढ़ते पलूशन से निपटने के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत साल 2024-25 में जारी किए गए 38.67 करोड़ रुपये नगर निगम (MCD) द्वारा खर्च नहीं किए जा सके। यह जानकारी दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में सामने आए।

पर्यावरण विभाग के उप सचिव की तरफ से बताया गया कि पलूशन नियंत्रण के लिए सड़क पक्की करना, मशीनों से सफाई और हरियाली बढ़ाने जैसे कामों के लिए यह पैसा MCD को जारी किया गया था, लेकिन पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान इसका उपयोग नहीं हो पाया।

सरकार की ओर से बताया गया कि देरी का मुख्य वजह टेंडर प्रक्रिया, बोलियों को जांचने और प्रशासन की तरफ से इसे पास करने में हुई देरी की वजह है। विधानसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, सड़कों को पक्का करने और गड्ढामुक्त सड़कें बनाने के लिए 36.67 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।

इसके लिए तीन बोलियां लगी थीं। इनमें दो की बोली 19 दिसंबर 2025 को खोली गई, जबकि तकनीकी बोलियों का मूल्यांकन अभी जारी है। वहीं, ट्रैफिक कॉरिडोर और अन्य इलाकों में हरियाली बढ़ाने के लिए तय 2.01 करोड़ रुपये के प्रस्ताव फिलहाल प्रशासनिक मंजूरी के स्तर पर अटके हुए हैं।

आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, दिल्ली में NCAP के तहत जारी की गई रकम का बड़ा हिस्सा अब तक खर्च नहीं हो पाया है। आंकड़ों के अनुसार, NCAP के तहत कुल 81.34 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिनमें से नगर निकायों द्वारा केवल 14.09 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं, जबकि शेष पैसा इस्तेमाल नहीं हुआ है।

इसके अलावा, 2021 से 2025 के बीच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने MCD और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) जैसी एजेंसियों को 72.41 करोड़ रुपये जारी किए थे, जिनमें से करीब 59 करोड़ रुपये अब तक खर्च नहीं हो सके हैं।

सरकार ने बताया कि अब बची हुई राशि को पानी के छिड़काव, सड़क पक्की करने, गड्ढामुक्त सड़कें बनाने और ट्रैफिक कॉरिडोर में हरियाली जैसे कार्यों में खर्च किया जाएगा। हालांकि, कई परियोजनाएं अभी भी टेंडर मूल्यांकन या प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया में हैं।

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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