
32 आधुनिक मशीनों से शुरू होगा यमुना की सफाई का महाअभियान, फिनलैंड से आएंगे खास ड्रेजर्स
वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि यमुना में प्रदूषण सालों की अनदेखी और पुराने सिस्टम का नतीजा है, साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि वे आधुनिक, ज़्यादा क्षमता वाली मशीनें लगाकर और कड़ी निगरानी करके इस सिलसिले को तोड़ रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने यमुना नदी को प्रदूषित करने वाले नालों को साफ करने के लिए एक महासफाई अभियान को बुधवार को मंजूरी दे दी। सरकार ने इन नालों की सफाई के लिए 32 उच्च क्षमता वाली आधुनिक मशीनें लगाने के लिए हामी भर दी है, जिनमें फिनलैंड से आने वाले वह दो मल्टीपर्पस ड्रेजर भी शामिल हैं, जिनकी वर्किंग देखने के लिए मंत्री प्रवेश वर्मा अक्तूबर में वहां गए थे। इस बारे में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह अभियान जनवरी से ही शुरू हो जाएगा, जबकि हाई कैपेसिटी वाली सभी क्लीनिंग मशीनें मार्च तक चालू हो जाएंगी।
बयान में कहा गया है कि यह अभियान नदी में सबसे ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाले नजफगढ़ नाले से शुरू होगा, और धीरे-धीरे दूसरे नालों और यमुना के चुने हुए हिस्सों तक बढ़ाया जाएगा। बयान में आगे बताया गया कि इस पहल का मुख्य मकसद आधुनिक मशीनों से तेजी के साथ बड़े नालों की सफाई करना है ताकि बिना ट्रीट किया हुआ कीचड़, गाद और ठोस कचरा यमुना में जाने से रोका जा सके।
बयान के अनुसार ये सभी मशीनें गहरी गाद निकालने, कीचड़ हटाने, खरपतवार साफ़ करने और जल भराव वाले दुर्गम हिस्सों की सफ़ाई के लिए डिज़ाइन की गई हैं, ऐसे इलाके जो ऐतिहासिक रूप से पारंपरिक उपकरणों की पहुंच से बाहर रह जाते थे। नालों की सफाई में लगने वाली इन मशीनों में 8 लॉन्ग बूम एम्फीबियस एक्सकेवेटर, 6 लॉन्ग बूम हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर, 2 एम्फीबियस मल्टी-पर्पस ड्रेजर, 6 सेल्फ-प्रोपेल्ड, सेल्फ-अनलोडिंग हॉपर बार्ज और 3 मिनी एम्फीबियस एक्सकेवेटर भी शामिल हैं। एम्फीबियस मशीनें गहरे, दलदली इलाकों में भी काम करेंगी, जबकि हॉपर बार्ज से काम में तेज़ी और कुशलता आएगी।
बयान में बताया गया कि इस महासफाई अभियान का पहला चरण दिसंबर के आखिरी हफ्ते में फिनलैंड से ड्रेजर आने के बाद शुरू होगा। जो कि विश्व स्तर पर अपनी गुणवत्ता के लिए पहचानी जाने वाली मशीन है, और इसका इस्तेमाल नदियों और वेटलैंड को साफ करने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह ड्रेजर जनवरी से पूरी तरह से काम करना शुरू कर देंगे, जिससे ज़्यादा तेजी के साथ मशीनों से नालों की सफ़ाई का काम शुरू हो जाएगा।
इस मौके पर सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए लगातार कार्रवाई की ज़रूरत है, न कि सिर्फ़ प्रतीकात्मक कदम उठाने की। उन्होंने कहा, 'सालों से यमुना की सफाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित थी, लेकिन इस बार जनवरी से मशीनें जमीन पर काम करेंगी।'
वर्मा ने आरोप लगाया कि यमुना में प्रदूषण सालों की अनदेखी और पुराने सिस्टम का नतीजा है, साथ ही इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वे आधुनिक, ज़्यादा क्षमता वाली मशीनें लगाकर और कड़ी निगरानी करके इस सिलसिले को तोड़ रहे हैं। मंत्री ने कहा, 'हमारी रणनीति सीधी है, नालों को साफ करना, प्रदूषण का बोझ कम करना और यमुना में साफ तौर पर सुधार सुनिश्चित करना। कोई बहाना नहीं चलेगा और काम धीमा नहीं होगा।'
उन्होंने कहा कि नजफगढ़ नाला इस ऑपरेशन का शुरुआती पॉइंट होगा, क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा प्रदूषण है। बयान में कहा गया कि जब ऑपरेशन स्थिर हो जाएगा, तो मशीनों को अन्य खराब स्थिति वाले नालों और यमुना के पहचाने गए हिस्सों में भी लगाया जाएगा, ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रदूषण नदी तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो जाए।
अक्टूबर में फिनलैंड गए थे प्रवेश वर्मा
नालों की सफाई के लिए फिनलैंड से जो मशीनें आएंगी, उन्हें देखने के लिए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा खुद अक्टूबर में अधिकारियों के साथ दिल्ली गए थे। वहां से उन्होंने इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था। जिसमें उन्होंने इस मशीन की खूबियां बताई थीं।

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