लूटपाट का विरोध करने पर अधेड़ की हत्या, दिल्ली पुलिस ने महिला समेत दो संदिग्ध पकड़े

Feb 05, 2026 08:50 pm ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में लूटपाट का विरोध करने पर एक अधेड़ की हत्या कर दी गई। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले में महिला समेत दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

लूटपाट का विरोध करने पर अधेड़ की हत्या, दिल्ली पुलिस ने महिला समेत दो संदिग्ध पकड़े

दिल्ली में लूटपाट का विरोध करने पर एक अधेड़ की हत्या कर दी गई। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले में महिला समेत दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में गुरुवार को लूटपाट का विरोध करने पर अधेड़ की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपी अधेड़ से लूटपाट के लिए आए लेकिन विरोध करने पर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले में महिला समेत दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।

पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा के मुताबिक, मृतक अधेड़ की पहचान 54 साल के बनारसी दास के रूप में हुई है। वह गौतमपुरी में बग्गी चलाने का काम करते थे। गुरुवार दोपहर वह घोड़ी के पैर में नाल लगवाने ब्रह्मपुरी पुलिया के पास आए थे।

दोपहर करीब तीन बजे नाल लगवाने के बाद जब वह रुपये देने के लिए जेब से रकम निकालने लगे, तभी अचानक आए आरोपियों ने लूट के इरादे से उनकी गर्दन दबाकर उन्हें अचेत कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों को पकड़कर उन्हें पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने महिला समेत दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ कर रही है।

इधर, अधेड़ को उपचार के लिए जगप्रवेश चंद अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे रिंकू ने बताया कि बनारसी दास तीन दिन पहले घर से काम पर आए थे। लगातार काम होने की वजह से वह दुकान पर ही रह रहे थे। गुरुवार दोपहर उन्हें किसी ने कॉल करके बताया कि कुछ नशेड़ियों ने पैसे लूटने के दौरान उनके पिता की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पीड़ित अस्पताल पहुंचे तो उनकी मौत हो चुकी थी।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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