
नाबालिग से रेप कर गर्भवती करने का मामला, आरोपी को 27 साल की सजा; नशा देकर करता था गलत काम
- सरकारी वकील ने दोषी शख्स के लिए अधिकतम सजा की मांग करते हुए आरोपी के कृत्य को बेहद जघन्य अपराध बताया, साथ ही कहा कि इसका अपराध इसलिए भी ज्यादा बड़ा हो जाता है क्योंकि यह पीड़िता का रिश्तेदार भी था।
दिल्ली की एक अदालत ने नाबालिग को नशा देकर उससे रेप करते हुए उसे गर्भवती करने के मामले के आरोपी को 27 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह कहते हुए पीड़िता को भी 15 लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया है, कि अपने साथ हुए गलत काम से उबरने के लिए आर्थिक मदद उसका मौलिक अधिकार है। फैसला सुनाते हुए अदालत ने यह भी कहा कि पीड़िता के लिए अपराध से उबरना मुश्किल होगा।
सरकारी वकील विनीत दहिया ने दोषी शख्स के लिए अधिकतम सजा की मांग करते हुए आरोपी के कृत्य को बेहद जघन्य अपराध बताया, साथ ही कहा कि इसका अपराध इसलिए भी ज्यादा बड़ा हो जाता है क्योंकि यह पीड़िता का रिश्तेदार भी था।
सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि गवाहों की गवाही से यह बात साबित हुई है कि आरोपी ने पीड़िता के भोजन और पानी में बेहोश करने वाली नशीली या हानिकारक दवा देकर उसका यौन उत्पीड़न किया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि 'दोषी के कृत्य से पीड़िता के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम पड़ना तय है, जिससे उबरना और सामान्य जीवन जीना उसके लिए बहुत मुश्किल होगा।'
यह मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रीति परेवा की अदालत में था। जिन्होंने 23 वर्षीय शख्स को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 328 (अपराध करने के इरादे से जहर आदि के माध्यम से चोट पहुंचाना) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे POCSO अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 साल की सजा और IPC की धारा 328 के तहत 7 साल की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि पीड़िता को मुआवज़ा देने का उद्देश्य उसके परिवार की गरिमा को बहाल करने के अलावा उसकी पीड़ा और तकलीफों को कम करना है।





