ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटी में कुत्तों के डर से नौकरानियों ने छोड़ा काम, डिलीवरी बॉय भी परेशान
गली-मोहल्लों और सोसाइटियों में खुले घूम रहे आवारा कुत्ते अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनने लगे हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसाइटी में तो कुत्तों से डरकर नौकरानियों ने काम पर आना ही छोड़ दिया है। इतना ही नहीं डिलीवरी बॉय भी यहां आने से कतराते हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-1 स्थित लोटस विला में लावारिस कुत्तों से परेशान घरेलू सहायिकाओं ने रविवार को काम छोड़कर मेन एंट्री गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कुत्तों को नहीं हटाया जाता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगी।
लोटस विला सोसाइटी में करीब 512 विला हैं। अमूमन हर घर में घरेलू सहायिकाएं काम करती हैं। आरोप है कि सोसाइटी में लावारिस कुत्तों के कारण प्रवेश कर पाना मुश्किल होता है। यहां लावारिस कुत्ते कई घरेलू सहायिकाओं और डिलीवरी ब्वॉय पर हमला कर चुके हैं।
कुत्ते ने शनिवार को भी एक घरेलू सहायिका को काट लिया। एक सप्ताह में यह ऐसी तीसरी घटना थी। इसके विरोध में घरेलू सहायिकाएं रविवार को लामबंद हुईं। कुत्तों के भय से उन्होंने घरों में काम करने से इनकार कर दिया। घरेलू सहायिकाएं सोसाइटी के प्रवेश द्वार पर एकत्रित हो गईं और प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि जब तक लावारिस कुत्तों से सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे काम पर नहीं आएंगी। उनके प्रदर्शन के चलते सोसाइटी के लोगों को स्वयं ही घर के कार्य करने पड़े। प्रदर्शन से कामकाजी दंपतियों की चिंता बढ़ा दी है।
कुछ विला में बच्चा छोटे होने के कारण नैनी भी आती हैं। उन्होंने भी कुत्तों के भय के कारण आने से इनकार कर दिया। सोमवार से लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिग्विजय शुक्ला से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
डिलीवरी ब्वॉय नहीं आ रहे
लोगों का कहना है कि कई ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कर्मियों ने कुत्तों के भय से सोसाइटी में अंदर प्रवेश करने से इनकार कर दिया है। वे मुख्य गेट से ही फोन कर लोगों को पार्सल लेने के लिए बुलाते हैं। लोगों को काम छोड़कर बाहर जाना पड़ता है। सोसाइटी में कुछ ऐसे भी मामले आ चुके, जब बाहर जाने पर लावारिस कुत्तों ने लोगों पर हमला किया।
रिप्पल, पूर्व सचिव, आरडब्ल्यूए, ''इस मामले में कई बार प्राधिकरण से शिकायत की जा चुकी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे सोसाइटी के सभी लोग परेशान हैं।''
विद्या, घरेलू सहायिका, ''पिछले वार महीने में मुझे तीन बार लावारिस कुत्ते काट चुके। शनिवार को भी कुत्ते ने हमला किया। लगातार बढ़ रही घटनाओं से डर का माहौल है।''
आरके भारती, महाप्रबंधक स्वास्थ्य, ग्रेटर नोएडा, ''लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम, तैयार किया जा रहा है। यहां कुत्तों को रखा जाएगा। साथ ही, टीकाकरण और नसबंदी अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है।''
लगातार घटनाएं हो रहीं
● 11 जुलाई: लावारिस कुत्ते ने एक घरेलू सहायिका को काटा।
● 4 जुलाई: एक अन्य घरेलू सहायिका पर कुत्ते ने हमला किया।
● 30 जून: लावारिस कुत्ते ने हमलाकर एक बच्चे को काटा।


