
महुआ मोइत्रा पहुंचीं दिल्ली हाईकोर्ट, 'कैश फॉर क्वेरी' केस में CBI की चार्जशीट को चुनौती
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने 'कैश फॉर क्वेरी' मामले में सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी देने वाले लोकपाल के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में लोकपाल के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई 21 नवंबर तय की है।
लोकपाल का आदेश रद्द करने की मांग
महुआ मोइत्रा ने 12 नवंबर के लोकपाल के आदेश को अवैध बताया है। उनकी याचिका में कहा गया है कि लोकपाल ने उनकी दलीलें सुने बिना ही CBI की रिपोर्ट पर मुहर लगा दी। इससे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है। याचिका में यह भी कहा गया है कि लोकपाल ने उनकी सफाई को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और चार्जशीट दाखिल करने की इजाजत दे दी।
अंतरिम राहत भी मांगी
महुआ ने कोर्ट से लोकपाल के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही CBI को चार्जशीट दाखिल करने या कोई अन्य कदम उठाने से रोकने का अनुरोध किया गया है, जब तक याचिका का अंतिम फैसला नहीं हो जाता।
क्या हैं आरोप?
संसद में सवाल पूछने के बदले बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से नकदी और उपहार लेना।
अपना लोकसभा पोर्टल का लॉगिन पासवर्ड हीरानंदानी को साझा करना।
इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा करने का आरोप।
ये आरोप सबसे पहले BJP सांसद निशिकांत दुबे ने लगाए थे। इसके बाद लोकपाल ने CBI से जांच कराई और जुलाई 2025 में CBI ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
बता दें कि दिसंबर 2023 में लोकसभा से अनैतिक आचरण के आरोप में महुआ मोइत्रा को निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने इस निष्कासन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हुई है। इसके बावजूद 2024 लोकसभा चुनाव में कृष्णानगर सीट से वे फिर जीतीं और BJP की अमृता रॉय को हराया।





