दिल्ली में LPG के लिए क्यों अफरा-तफरी, समझें संकट कितना बड़ा या छोटा
देश के अन्य हिस्सों की तरह राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी लोग रसोई गैस की कमी की खबरों से परेशान हैं और जल्दी से जल्दी अतिरिक्त सिलेंडर पा लेना चाहते हैं।

ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध का सीधा असर अब दुनिया के दूसरे हिस्सों की तरह भारत पर भी व्यापक रूप से दिखने लगा है। यहां तक कि संकट अब रसोई तक पहुंच गया है। देश के अन्य हिस्सों की तरह राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी लोग रसोई गैस की कमी की खबरों से परेशान हैं और जल्दी से जल्दी अतिरिक्त सिलेंडर पा लेना चाहते हैं। पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से आपूर्ति में बाधा को देखते हुए केंद्र सरकार ने रसोई गैस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लगाया तो गैस एजेंसियों के फोन ग्राहकों के कॉल से व्यस्त हो गए तो बाहर लंबी कतारें लग गईं।
रिटेलर्स का कहना है कि आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं है, इसके बावजूद ग्राहक जल्दी सिलेंडर देने की मांग करने लगे हैं। सरकार ने भी ग्राहकों को भरोसा दिया है कि पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध है। इसके बावजूद गैस एजेंसियों और उनके गोदमों पर लंबी-लंबी कतारें दिख रही हैं। मध्य दिल्ली के झंडेवालान में जनता मार्केट के पास अतुल इंटरप्राइजेज के एक प्रतिनिधि ने बताया कि 25 दिन के नए रूल की वजह से सिस्टम बुकिंग स्लिप जेनरेट नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘लोगों ने 3-4 दिन पहले सिलेंडर बुक किए लेकिन हम उन्हें इस नियम की वजह से सिलेंडर नहीं दे पा रहे हैं।’
सोमवार को केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की कि उसने दो एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिनों के अंतर का आदेश जारी किया है। पहले यह अंतर 21 दिनों का था। मंत्रालय का कहना है कि पैनिक बुकिंग, जमाखोरी, ब्लैक मार्केटिंग आदि को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कुछ एजेंसियों में आपूर्ति नहीं
इस बीच, पश्चिमी दिल्ली में कुछ एजेंसियों ने मंगलवार को कहा कि उन्हें आपूर्ति नहीं मिल रही है। कीर्ति नगर की एक एजेंसी में स्टोर कीपर अविनाश पांडेय ने कहा कि उन्हें हरियाणा के आपूर्तिकर्ता से हर दिन 350 सिलेंडर मिलते हैं लेकिन मंगलवार को एक भी नहीं मिले। उन्होंने कहा, 'हमें सोमवार को जो सिलेंडर मिले थे उनसे काम चलाया। हमने आज 326 सिलेंडर बेचे लेकिन हम नहीं जानते कि क्या होगा।'
रिजर्व में चाहते हैं ग्राहक
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अधिक अनिश्चितता है। राजिंद्र नगर में सिद्धार्थ एंटरप्राइजेज के एक प्रतिनिधि ने कहा कि उन्होंने निर्देश मिलने के बाद व्यावसायिक ग्राहकों के लिए आपूर्ति रोक दी है। उन्होंने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि बुकिंग में तेजी आई है, जबकि सरकार ने कहा है कि कोई कमी नहीं होगी। लोग यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके पास सिलेंडर रिजर्व में रहे।’
एक से ज्यादा सिलेंडर चाहते हैं लोग
विकासपुरी में गैस एजंसियों ने बताया कि उनके पास बहुत ज्यादा फोन कॉल्स आ रहे हैं। इंडेन नारिस गैस सर्विस की मैनेजर गीतांजलि ने कहा, 'रेस्त्रां जानते हैं कि हम अभी उन्हें सिलेंडर नहीं दे सकते हैं इसके बावजूद वे हर दिन पूछते हैं। घरेलू उपभोक्ता हमारे पास आ रहे हैं या फोन कर रहे है। वे एक से ज्यादा सिलेंडर अपने पास रखना चाहते हैं। लेकिन हम उन्हें बताते हैं कि यह संभव नहीं है।'
दोगुनी कीमत पर भी सिलेंडर ले रहे लोग
मिलिंद गैस सर्विस के मैनेजर हरनूर सिंह ने कहा कि हमें पता चला है कि सिलेंडर्स की कालाबाजारी भी हो रही है और लोग दोगुनी कीमत में भी खरीद रहे हैं। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक चाय विक्रेता ने बताया कि पहले उन्हें सिलेंडर 1100 रुपये में मिलता था अब 2000 में मिल रही है। रेस्त्रां मालिकों का कहना है कि कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में पाइप्ड गैस उपलब्ध नहीं है। स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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