
मां की सहेली से प्यार और फिर मर्डर; नोएडा में प्रेमी ने बस में सिर-हाथ काट फेंकी थी प्रेमिका की लाश
नोएडा पुलिस ने 6 नवंबर को नाले में सिर और हाथ काटकर फेंके गए महिला के शव के मामले का शुक्रवार को पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शादीशुदा प्रेमी ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर बस के अंदर महिला की हत्या की थी। मृतका आरोपी की सहेली थी।
नोएडा सेक्टर-39 थाना पुलिस ने 6 नवंबर को सेक्टर-108 स्थित नाले में सिर और हाथ काटकर फेंके गए महिला के शव के मामले का शुक्रवार को पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शादीशुदा प्रेमी ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर एक बस के अंदर महिला प्रीति की हत्या की थी। मृतका आरोपी की सहेली थी।
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि महिला के दोनों पैरों में बिछिया थे। इससे माना जा रहा था कि महिला शादीशुदा थी। मामले की जांच के दौरान 5 नवंबर की रात 8.43 बजे घटनास्थल के निकट एक बस लाइट ऑफ करके जाती दिखाई दी। नंबर के आधार पर पता चला कि बस धार्मिक संस्था की है, जिसे बरौला गांव निवासी 34 वर्षीय मोनू सोलंकी चलाता है।
पुलिस टीम मोनू के घर पहुंची तो वहां उसकी मां, पत्नी और पांच बच्चे मिले, लेकिन मोनू घर पर नहीं था। पांच बच्चों में दो बच्चे मृतक महिला के थे। उन्होंने अपनी मां के गुम होने की जानकारी दी। पुलिस ने जब बिछियों का फोटो दिखाई तो बच्चों ने वो अपनी मां प्रीति के बताए।
पुलिस टीम ने शुक्रवार को आरोपी को उसके घर के पास से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बस के भीतर प्रीति की हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के पास नाले से महिला की गर्दन, दोनों हाथ, बस में बिछी मैट, मृतका के कपड़े, बस और धारदार हथियार को बरामद कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बस को चार बार धोया
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने घटना के बाद बस को चार बार धोया, लेकिन निशान नहीं मिटा पाया। बस में लगे खून के धब्बों की केमिकल की मदद से फॉरेंसिक जांच कराई गई। उससे पता चला कि खून इंसान का ही है। यही नहीं, आरोपी ने घटना के बाद बच्चों को बताया कि कोई पूछे तो कहना मां 6 नवंबर से गायब है। पुलिस जब घर पहुंची तो बच्चों ने यही बताया, जबकि महिला 5 नवंबर से गायब थी।
आरोपी की मां के साथ काम करती थी महिला
हत्या के आरोपी मोनू की मां जींस की फैक्ट्री में काम करती थी। इसी फैक्ट्री में बरौला निवासी प्रीति भी काम करती थी। दो वर्ष पूर्व फैक्ट्री बंद होने के बाद प्रीति का मोनू के घर आना-जाना होने लगा। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि घटना का पर्दाफाश करने के लिए 1100 से अधिक संदिग्ध वाहनों की जांच की गई। 44 वाहन मालिकों से पूछताछ की गई।
तंग आकर जान ली
आरोपी ने पुलिस को बताया कि प्रीति की दो शादी हुई थीं, लेकिन दोनों पतियों ने उसे छोड़ दिया था। वह उसे ब्लैकमेल करती थी। उसने माेनू की दो बेटियों से अनैतिक काम कराने की धमकी दी। इस पर मोनू ने प्रीति की हत्या करने की ठान ली थी।
बच्चों को घर छोड़ा
आरोपी ने बताया कि वह 5 नवंबर की शाम प्रीति के घर पर पहुंचा। वहां से धारदार हथियार लिया। प्रीति को बस में बैठाया और उसके दोनों बच्चों को अपने घर छोड़ दिया। रास्ते में अपने लिए पराठा और प्रीति के लिए मैगी खरीदी। इस बीच बस में कहासुनी होने पर प्रीति को मार डाला।





