एक सदी का नुकसान, वह हमारे पिता जैसे…; दिल्ली में खामनेई की मौत पर मातम मनातीं महिलाएं
महिलाओं ने यहां पहुंचकर ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत पर शोक जताया। काले अबाया और नकाब पहने महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहीं। कुछ दुआएं पढ़ती दिखीं, तो कई की आंखें नम थीं।

दक्षिणी दिल्ली के जोर बाग स्थित शाह-ए-मर्दान करबला में रविवार शाम सैकड़ों महिलाएं एकट्ठा हुईं। महिलाओं ने यहां पहुंचकर ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत पर शोक जताया। काले अबाया और नकाब पहने महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहीं। कुछ दुआएं पढ़ती दिखीं, तो कई की आंखें नम थीं।
86 साल के बुजुर्ग की क्या गलती थी?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मी नगर से आई जैबुन्निसा जैदी अपने परिवार के 6 सदस्यों के साथ पहुंचीं। हाथ में मोमबत्ती थामे उन्होंने कहा, “उन्होंने इंसानियत के लिए आवाज उठाई। एक 86 साल के बुजुर्ग की क्या गलती थी? अगर इंसानियत के साथ खड़ा होना जुर्म है, तो हम सब गुनहगार हैं।”
यह पूरी दुनिया का नुकसान है
गाजियाबाद की बीएससी फर्स्ट ईयर की छात्रा दिलकश ने बताया कि सुबह जैसे ही उन्हें निधन की खबर मिली, वे हक्का-बक्का रह गईं। दिलकश ने कहा- “वह हमारे रहबर थे, एक मार्गदर्शक। उन्होंने शिया और सुन्नी समुदाय को जोड़ने की बात की और हमेशा मजलूमों के साथ खड़े रहे। यह सिर्फ एक समुदाय का नहीं, पूरी दुनिया का नुकसान है।”
यह एक सदी का नुकसान,, वह हमारे पिता जैसे
सीरत अपनी एक साल की बेटी को गोद में लिए खड़ी थीं। भावुक आवाज में उन्होंने कहा, “यह एक सदी का नुकसान है। वह हमारे लिए पिता समान थे। ऐसा लग रहा है जैसे हमने अपने घर का कोई सदस्य खो दिया हो।” उनकी बहन शहाना ने बताया कि हमले की खबर आने के बाद परिवार ने खाना-पीना तक छोड़ दिया था और लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहा था।
हजारों किलोमीटर दूर की घटना पर दुख मनाती महिलाएं
न्यू अशोक नगर से आईं 53 वर्षीय निशात फातिमा अस्वस्थ होने के बावजूद श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुईं। उन्होंने कहा, “यह एक अमानवीय कृत्य था। यहां आना जरूरी था।” शाम ढलते ही मोमबत्तियों की रोशनी और दुआओं के बीच माहौल शांतिपूर्ण बना रहा। हजारों किलोमीटर दूर तेहरान से अलग, दिल्ली की इस सभा में मौजूद महिलाओं के लिए यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय घटना नहीं, बल्कि निजी शोक का क्षण था।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
और पढ़ें


