गाजियाबाद के स्कूल में घुसा तेंदुआ, बाथरूम में मिला; छुट्टी का ऐलान
गाजियाबाद के गोविंदपुरम इलाके में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रीन फील्ड स्कूल परिसर में तेंदुआ घुसने की सूचना मिली। सुबह करीब 5:30 बजे स्कूल के कर्मचारियों ने तेंदुए को देखा, जिसके बाद हड़कंप मच गया।

गाजियाबाद के गोविंदपुरम इलाके में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रीन फील्ड स्कूल परिसर में तेंदुआ घुसने की सूचना मिली। सुबह करीब 5:30 बजे स्कूल के कर्मचारियों ने तेंदुए को देखा, जिसके बाद हड़कंप मच गया। तत्काल स्कूल प्रबंधन ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दी और एहतियातन स्कूल की छुट्टी का संदेश व्हाट्सएप ग्रुपों पर फ्लैश कर दिया। सूचना मिलते ही कविनगर थाना पुलिस लाठी-डंडे और हेलमेट के साथ मौके पर पहुंची।
जानकारी के मुताबिक तेंदुआ स्कूल के ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में ट्रेस हुआ है और बेहोश करके पकड़ने की तैयारी की जा रही है। इस दौरान बाथरूम से तीन-चार बार टैकुलाइजर गन से कांटे चलाने के बाद भी तेंदुए को निशाना नहीं लगा। अब बाथरूम की दीवार में छेद किया जा रहा है ताकि उसमें से गन को निकाल कर तेंदुए को बेहोश किया जा सके।
इससे पहले गोविंदपुरम रोड पर दोनों ओर से पुलिस ने बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तेंदुआ किस दिशा से आया।
फुलवारी के पास लेटा दिखा तेंदुआ
वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी निमी कुचिया ने बताया था कि तेंदुआ स्कूल परिसर में बनी फुलवारी के पास लेटा हुआ है। उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए जाल लगाया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गोविंदपुरम जी-ब्लॉक निवासी गुरचरण सिंह ने बताया कि बुधवार तड़के 5:13 बजे तेंदुआ स्कूल के पीछे वाली मुख्य सड़क पर आबादी की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। इसके दो मिनट बाद, 5:15 बजे वह वापस लौटा और स्कूल परिसर में कूदता नजर आया। गुरचरण सिंह के मुताबिक, यह पूरी घटना उनके घर के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
आसपास के इलाकों में दहशत
घटना के बाद से स्कूल और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। अभिभावकों और स्थानीय निवासियों में भय बना हुआ है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि आज विद्यालय में परीक्षा होनी थी, बुधवार को होने वाले पेपर की आगे के लिए टाल दिया गया है। स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है, लेकिन बोर्ड परीक्षा का केंद्र नहीं है। फिलहाल तेंदुआ कहां से आया और कितने समय से क्षेत्र में था, इसका स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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