‘हमने इसे जिंदगी से EXIT कर दिया’; लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने लिया बवाना में हुई कारोबारी की हत्या का जिम्मा
दिल्ली के बवाना में हुई प्लास्टिक कारोबारी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने करवाई थी। लॉरेंस गैंग के रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने आज सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है।
दिल्ली के बवाना में हुई एक युवा कारोबारी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने करवाई थी। लॉरेंस गैंग से जुड़े रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने आज सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है। बता दें कि, बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार दोपहर एक फैक्ट्री के बाहर अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े सरेआम 35 वर्षीय प्लास्टिक कारोबारी वैभव गांधी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
रणदीप मलिक और अनिल पंडित की तरफ से की गई सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है, ''जय महाकाल...... जय श्री राम, राम राम सभी को, जो ये आज बिजनेसमैन (VAIBHAV GANDHI) Sector 4 Bawana Delhi में जो हत्या हुई है। ये मैंने RANDEEP MALIK और ANIL PANDIT USA ने करवाई है। जहां हमने कॉल की थी ये वहां बीच में Entry कर रहा था, इसलिए हमने इसको इसकी जिंदगी से Exit कर दिया। और सभी कान खोल कर सुन लो अगर किसी ने हमारे काम के बीच में आने की कोशिश भी की तो उसको बिना कॉल किए ही मरवा देंगे।
पीटीआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया था कि बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में तीन से चार हथियारबंद व्यक्ति बाइक पर आए और प्लास्टिक कारोबारी वैभव गांधी पर कई राउंड गोलियां चलाई थीं। कारोबारी ने खुद को बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया और फायरिंग करते रहे।
पुलिस के मुताबिक, उसे दोपहर करीब 12:51 बजे महाराजा अग्रसेन अस्पताल से सूचना मिली कि गोलीबारी में घायल एक व्यक्ति को अस्पताल लाया गया था, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "मृतक की पहचान बवाना निवासी वैभव गांधी के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद, पुलिस टीमें हॉस्पिटल और घटनास्थल पर पहुंचीं। घटना के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है।"
पुलिस ने बताया कि इस संबंध में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
अधिकारी ने आगे कहा कि हम हमलावरों की पहचान करने और हत्याकांड की तह तक पहुंचने के लिए इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रहे हैं। घटना से पहले और बाद में आरोपियों की मूवमेंट का पता लगाने के लिए आस-पास की फैक्ट्रियों और सड़कों के फुटेज भी स्कैन किए जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की ऑपरेशन विंग की स्पेशल यूनिट्स समेत कई टीमें बनाई गई हैं और उन्हें संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने और इसमें शामिल लोगों को पकड़ने के लिए भेजा गया है। पुलिस ने कहा कि हत्या के पीछे का मकसद पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है, जिसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह हत्याकांड बिजनेस की दुश्मनी, आपसी रंजिश या किसी और झगड़े से जुड़ा था।


