आत्मघाती हमला था लाल किला ब्लास्ट; डॉ. उमर ने खुद को कैसे उड़ाया? NIA के बड़े खुलासे
Delhi Red Fort Blast: NIA ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि लाल किले पर हुआ धमाका एक सुसाइड बॉम्बिंग था। एनआईए ने यह भी खुलासा किया है कि डॉ. उमर उन नबी आतंकी मॉड्यूल 'अंसार गजवत-उल-हिंद' का कथित मास्टरमाइंड था।
दिल्ली के लाल किले पर हुआ धमाका आत्मघाती था। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में यह बात कही है। एनआईए ने खुलासा किया है कि डॉ. उमर उन नबी ने अपनी कार से कमांड मैकेनिज्म से IED को एक्टिवेट करके खुद को उड़ाया, जिससे 15 लोगों की मौत हो गई। एनआईए ने यह भी कहा है कि उमर उन नबी आतंकी मॉड्यूल 'अंसार गजवत-उल-हिंद' का कथित मास्टरमाइंड और ऑपरेशनल इंचार्ज था।
कट्टरपंथियों का नेटवर्क बना रहा था डॉ. नबी
NIA ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि नवंबर 2025 में लाल किले के पास कार धमाके में मारा गया डॉ. उमर उन नबी 2022 की शुरुआत से ही आतंकी मॉड्यूल 'अंसार गजवत-उल-हिंद' को एक्टिवेट करने में लगा था। वह आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कट्टरपंथियों का नेटवर्क बना रहा था।
नए लोगों पर थी डॉ. उमर की नजर
NIA ने यह भी खुलासा किया है कि डॉ. नबी नए लोगों को कट्टरपंथी बनाया। उसने आतंकियों की ट्रेनिंग के लिए इंतजाम किए और मॉड्यूल के लिए जरूरी लॉजिस्टिक्स का बंदोबस्त किया। डॉ. नबी और इस टेरर मॉड्यूल के अन्य सदस्यों के पास चरमपंथी साहित्य था। वे चरमपंथी कंटेंट फैलाते थे और देश के खिलाफ लड़ाई और हिंसा के लिए युवाओं को गुमराह करते थे।
संदिग्धों के पास से मिले जिहाद के ये कंटेंट
एनआईए ने इस टेरर मॉड्यूल के आतंकियों से जिन सामग्रियों को बरामद किया उनमें ‘जिहाद की परिभाषा’, ‘जिहाद की जरूरतें’, ‘जिहाद के 21 लक्ष्य’, ‘जिहाद का मकसद’, ‘जिहाद में सेवा और भागीदारी के 39 तरीके’, ‘जिहाद का समर्थन करने के 44 तरीके’ जैसे शीर्षक वाले दस्तावेज शामिल थे। डॉ. नबी इन्हीं सामग्रियों की मदद से युवाओं को गुमराह करता था।
डॉ. नबी ने जुटाए फंड
एनआईए ने खुलासा किया है कि आरोपी लोग सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप से एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। डॉ. नबी ने फंड और अवैध हथियार जुटाने में अहम भूमिका निभाई। मॉड्यूल के सदस्यों और साजिश से जुड़ी सामग्री के लिए ठिकाने तय करने में डॉ. नबी ने अहम रोल अदा किया।
जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-NCR में बैठकें
टेरर मॉड्यूल की बैठकें जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर में कराई गईं। वहीं सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारियां की गईं। आरोपी बेहद खतरनाक विस्फोटक बनाने में जुटे थे। इसके लिए मैटेरियल जमा करने का काम किया जा रहा था।
डॉ. उमर ने खुद को ऐसा उड़ाया
NIA का कहना है कि डॉ. नबी और एक सह-आरोपी ने हमले की साजिश के तहत एक पुरानी कार खरीदी थी। धमाके के समय नबी गाड़ी के अंदर ही था। 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास जो गाड़ी विस्फोट में फटी थी उसे 'व्हीकल-बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' यानी VBIED में बदल दिया गया था। फोरेंसिक सबूतों से पता चला कि विस्फोटक डिवाइस को गाड़ी के अंदर से ही एक कमांड मैकेनिज्म के जरिए फोड़ा गया था।


