… तो बंगाल को दुखों से मुक्ति नहीं मिलेगी, सरकार बनाने से पहले BJP को कुमार विश्वास की क्या सलाह
पश्चिम बंगाल में मिली बंपर जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी 9 मई को सरकार का गठन करने जा रही है। इस बीच कवि कुमार विश्वास ने सरकार बनाने से पहले ही बीजेपी को एक सलाह दी है। विश्वास ने ममता बनर्जी से भी कहा कि उन्हें इस स्थिति पर मंथन करना चाहिए। वे बड़ी योद्धा हैं और लड़ती रही हैं।

पश्चिम बंगाल में मिली बंपर जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी 9 मई को सरकार का गठन करने जा रही है। इस बीच कवि कुमार विश्वास ने सरकार बनाने से पहले ही बीजेपी को एक सलाह दी है। कुमार विश्वास ने कहा कि मैं नई सरकार को एक सलाह दूंगा और यह सूचित करूंगा कि वह यह ध्यान रखे कि जिनकी अस्थियों पर यह विजय ध्वज फहराया गया है, उन्हीं का सम्मान हो। ऐसा न हो जाए कि जो लोग वामपंथ के समय में पटका पहनकर काम करते थे, फिर तृणमूल में आ गए। अगर वही लोग चोला बदलकर इधर आ जाएंगे तो बंगाल को अपने दुखों से मुक्ति नहीं मिलेगी।
लोकतंत्र की एक मर्यादा है
ममता बनर्जी के इस्तीफा नहीं देने के सवाल पर कुमार विश्वास ने कहा कि लोकतंत्र की एक मर्यादा है, वह पालन होनी चाहिए। उनके कहने से कुछ होता नहीं है। जिस दल के पास सर्वाधिक विधायक होंगे, राज्यपाल महोदय उसके नेता को बागडोर सौंप देंगे। विश्वास ने कहा कि ममता बनर्जी को मंथन करना चाहिए इस स्थिति पर, पुनर्विचार करना चाहिए। वे बड़ी योद्धा हैं और बड़ी लड़ती रही हैं।
…तो बंगाल को अपने दुखों से मुक्ति नहीं मिलेगी
कुमार विश्वास ने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि वामपंथ की जिन आसुरी शक्तियों के खिलाफ ममता बनर्जी ने युद्ध लड़ा था कालांतर में वे सारे असुर उनकी पार्टी में आ गए। मैं नई सरकार को भी सलाह दूंगा कि अगर वही लोग चोला बदलकर इधर आ जाएंगे तो बंगाल को अपने दुखों से मुक्ति नहीं मिलेगी।
प्रजा इसी प्रकार का दंड देती है
ममता की हार पर कुमार विश्वास ने कहा कि अति सर्वत्र वर्जयते। जब अति हो जाती है तो उसकी वर्जना होती ही है। अगर आप एक बहुत बड़े बेहतर समाज के हितों को, उनकी भावनाओं को लगातार आहत करेंगे, लगातार चोट पहुंचाएंगे और निरंकुश रूप से काम करेंगे तो प्रजा इसी प्रकार का दंड देती है। ज्यादातर हम लोग लोकतंत्र में ऐसा देखते हैं। मैं खुद उसका भुक्तभोगी हूं।
बिना किसी कारण के रद्द कराए गए आयोजन
कुमार विश्वास ने कहा कि दो माह पूर्व जो मेरे आयोजन थे वो पांच आयोजन बिना किसी कारण के रद्द कराए गए। सारे ऑडिटोरियम से मना कराया गया। हमने निजी जगह पर कार्यक्रम करने की कोशिश की, पुलिस ने कहा कि वह वहां भी नहीं करने देंगे। अब सौभाग्य का विषय है कि 9 तारीख को मैं उसी ऑडिटोरियम में कार्यक्रम करने जा रहा हूं।
पश्चिम बंगाल में 207 सीटों पर प्रचंड जीत के बाद बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है। विधायक दल की बैठक में पार्टी अपने नेता का चयन करेगी। पार्टी ने 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह की योजना बनाई है, जिसमें पीएम मोदी समेत पार्टी के कई दिग्गज नेताओं के भाग लेने की संभावना है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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