कमांडो होने के बावजूद मार डाला; काजल की पीट-पीटकर हत्या पर क्या बोलीं किरण बेदी
दिल्ली में 27 साल की महिला स्वाट कमांडो काजल की उसके पति ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना पर अब पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है।
दिल्ली में 27 साल की महिला स्वाट कमांडो काजल की उसके पति ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना पर अब पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा, कमांडो होने के बावजूद उसके पति ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। हमें अपने घरों और स्कूलों में लड़कों के पालन-पोषण पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, अपनी लड़कियों को मानसिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, परिवार/शैक्षणिक संस्थान किस तरह के पति/पुत्र/पुरुषों का निर्माण कर रहे हैं? गलती हमारे पालन-पोषण में है।
उन्होंने आगे कहा, लड़कियों को अपने ऐसे पार्टनर के खिलाफ मजबूती से खड़े होना सिखाया जाना चाहिए। आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बावजूद, सामाजिक नियम उन्हें बांधे रखते हैं। स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करके, उन्हें घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम आदि सहित कई कानूनों के तहत अपने अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। मैं देखती हूं कि शिक्षा की डिग्री होने के बावजूद महिलाएं साहस और आत्मविश्वास नहीं अपना रही हैं और पेशेवर डिग्री होने के बावजूद पुरुष जिम्मेदार नागरिक बनना नहीं सीख रहे हैं। उन्हें विकास के लिए मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
घटना 22 जनवरी की है जब काजल की उसी के पति अंकुर ने भारी डम्बल से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी। काजल चौधरी के भाई निखिल ने कहा, अंकुर ने मुझे कॉल रिकॉर्ड करने को कहा, और कहा कि इसे पुलिस सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। उसने मुझे बताया कि वह काजल को मार रहा है। और फिर, मैंने उसकी चीखें सुनीं। दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ में तैनात काजल, हमले के समय मोहन गार्डन स्थित अपने आवास पर थीं। रक्षा मंत्रालय में क्लर्क उसके पति अंकुर को हमले के कुछ घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वह दिल्ली छावनी में तैनात था।
काजल ने पांच दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद, 27 जनवरी की सुबह गाजियाबाद के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। संसद मार्ग थाने में तैनात कांस्टेबल निखिल ने बताया कि घटनाक्रम अंकुर के फोन कॉल से शुरू हुआ। उन्होंने कहा, उसने मुझे फोन कॉल किया और कहा, 'अपनी बहन को समझा ले'। मैंने उसे शांत होने के लिए कहा और तुरंत अपनी बहन को फोन कॉल किया। निखिल ने बताया, वह (काजल) आम तौर पर हमें अपने बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताती थी, लेकिन उस दिन वह अपनी आपबीती सुना रही थी। जब हम बात कर रहे थे, तो वह (अंकुर) इस बात से नाराज हो गया कि वह मुझे बातें क्यों बता रही है और उसने उससे फोन छीन लिया।
उन्होंने कहा, फिर उसने मुझसे कहा, इस कॉल को रिकॉर्डिंग पर रख, पुलिस ‘एविडेंस’ (सबूत) में काम आएगा। मैं तेरी बहन को मार रहा हूं। पुलिस मेरा कुछ नहीं कर पाएगी। फिर मैंने उसकी (काजल की) चीखें सुनीं। कॉल अचानक कट गई।
निखिल के मुताबिक, लगभग पांच मिनट बाद उनका फोन फिर बजा और उसने (अंकुर ने) कहा, 'ये मर गई है। अस्पताल आ जाओ।’ इसके बाद हम पुलिसकर्मियों के साथ तुरंत वहां पहुंचे। वह और उसके परिवार के सदस्य पहले से ही मौजूद थे। जब मैंने अपनी बहन को देखा, दुश्मन भी किसी को इस तरह नहीं मारता। परिवार के अनुसार, काजल का सिर बुरी तरह से कुचला गया था और उसके शरीर पर कई चोटों के निशान थे।
निखिल ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन को कई अस्पतालों में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि उसके बचने की संभावना बहुत कम है। आखिरकार उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार ने अंकुर और उसके रिश्तेदारों पर गर्भावस्था के दौरान काजल को लंबे समय तक यातना देने और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दंपति का डेढ़ साल का एक बेटा है, जो फिलहाल अपने नाना-नानी के साथ है।

लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
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