अगर आप नेक इंसान हैं तो... कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की आप प्रमुख केजरीवाल को क्या सलाह
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को सलाह ही है। खड़गे ने कहा कि केजरीवाल को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तरह अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए। रोने-धोने से कुछ नहीं होगा। खड़गे पंजाब के बरनाला में कांग्रेस के किसान महाचौपाल को संबोधित कर रहे थे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को सलाह ही है। खड़गे ने कहा कि केजरीवाल को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तरह अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए। रोने-धोने से कुछ नहीं होगा। खड़गे पंजाब के बरनाला में कांग्रेस के किसान महाचौपाल को संबोधित कर रहे थे।
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के मीडिया के सामने भावुक हो जाने की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी की तरह लड़ना चाहिए, क्योंकि रोना-धोना करने से कुछ नहीं होगा। खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसी तरह बोलते थे। उन्होंने दोनों को धोखेबाज बताया और लोगों को उनका अनुसरण न करने की सलाह दी।
मोदी भी पहले इसी तरह बोलते थे
पंजाब के बरनाला में कांग्रेस के किसान महाचौपाल को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि रोना-धोना करने से कुछ नहीं होगा। अगर आप अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहते हैं, तो राहुल गांधी जी की तरह लड़िए। वह (अरविंद केजरीवाल) रो रहे हैं और कह रहे हैं कि मैं बहुत नेक इंसान हूं। अगर आप नेक इंसान हैं तो आपको यह कहने की जरूरत नहीं है। देश की जनता खुद कह देगी। जिस तरह से वह आज बोल रहे हैं, नरेंद्र मोदी भी पहले इसी तरह बोलते थे। ये लोग पाखंडी हैं। अगर आप उनका अनुसरण करेंगे तो देश बर्बाद हो जाएगा।
शुक्रवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल कोर्ट के बाहर भावुक हो गए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे भ्रष्ट नहीं हैं। कहा कि कोर्ट ने उन्हें और मनीष सिसोदिया दोनों को कट्टर ईमानदार बताया है।
पंजाब सरकार भाजपा की बी-टीम
खड़गे ने पंजाब में बढ़ते अपराध को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को भाजपा की बी टीम बताया। कहा कि पंजाब की धरती सामाजिक न्याय के लिए प्रसिद्ध है। यहां के गुरुओं ने समाज में सद्भाव फैलाया और एकता का उपदेश दिया। लेकिन आज इसी धरती पर गोलियां चल रही हैं, लोगों की हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं के साथ रेप हो रहा है। फिर भी राज्य सरकार चुप है। दरअसल, पंजाब सरकार भाजपा की बी-टीम है। ये लोग किसानों, मजदूरों और युवाओं के संघर्षों में कभी शामिल नहीं हुए। पंजाब सरकार नहीं चाहती कि यहां के लोग एकता में रहें।
प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना
खड़गे ने अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उनका मानना है कि यह भाजपा सरकार का आत्मसमर्पण है। उन्होंने भाजपा पर देश को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार भी भाजपा के नक्शेकदम पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि यह नरेंद्र मोदी नहीं, आत्मसमर्पण मोदी हैं। ट्रंप जो भी कहते हैं, नरेंद्र मोदी ठीक वही करते हैं। मोदी देश को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। मोदी देश की जनता को गुलाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं और भाजपा की सहयोगी टीम भी यही कर रही है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।



