दिल्ली में कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन से पहले केजरीवाल ने दी 'सड़क पर उतरने' वाली सलाह
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि 'पेपर लीक का धंधा बहुत बड़ा है और इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। जब तक आप सब लोग मिलकर आवाज नहीं उठाओगे, तब तक ये सिस्टम नहीं बदलने वाले और कुछ नहीं होने वाला।'

NEET व अन्य परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छह जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस कार्यक्रम में सरकार विरोधी कई नामचीन लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उधर इस आयोजन से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी देश के लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की है।
उन्होंने पेपर लीक को अरबों-खरबों का धंधा बताते हुए इसमें बड़े-बड़े लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, साथ ही कहा है कि लोगों को अपने बच्चों के भविष्य के लिए सड़कों पर उतरते हुए सरकार से सवाल पूछना होगा, तभी सिस्टम में बदलाव आएगा। इस बारे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने हाल ही में देश में हुई पेपर लीक की कई घटनाओं का उल्लेख भी किया और केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल भी उठा। इन मामलों में की गई कार्रवाई को उन्होंने नाकाफी बताया।
केजरीवाल बोले- तब तक ये धंधा बंद नहीं होगा…
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'पेपर लीक अरबों खरबों का धंधा है। इस धंधे में बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। जब तक आप सब लोग सड़कों पे उतर के सरकार को मजबूर नहीं करोगे, ये धंधा बंद नहीं होगा। अगले साल ऐसे ही सारे पेपरों में फिर से गड़बड़ होगी। अपने बच्चों के भविष्य के लिए, अपने परिवार के भविष्य के लिए, देश के भविष्य के लिए सब इकट्ठे हो जाओ और मांग करो- बस, अब और नहीं सहेंगे।'
'हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, मैं बताता हूं क्यों?'
वहीं अपने वीडियो में उन्होंने कहा, ‘हर दो-तीन साल में पेपर लीक हो रहे हैं, फिर भी पेपर लीक का ये धंधा आखिर बंद क्यों नहीं हो रहा, मैं आपको बताता हूं।’ उन्होंने कहा, 'चार साल से पंजाब में हमारी सरकार है, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। किसी पेपर में कोई गड़बड़ नहीं हुई। 10 साल हमने दिल्ली में सरकार चलाई, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। किसी पेपर में गड़बड़ नहीं हुई और केंद्र सरकार के हर पेपर में गड़बड़ हो रही है, कोई पेपर लीक हो रहा है, तो किसी में कुछ गड़बड़ हो रही है। क्यों, क्योंकि सवाल नीयत का है, उनकी नीयत खराब है, हमारी नीयत साफ है।'
'जिस कंपनी की वजह से 20 बच्चों ने सुसाइड किया, उसे ठेका दे दिया'
इसके आगे उन्होंने कहा, ‘आप दो उदाहरण ले लीजिए, पहले सीबीएसई के पेपर की बात करते हैं, OSM का ठेका ऐसी कंपनी को दिया गया, जिस कंपनी ने तेलंगाना के पेपरों में भारी गड़बड़ी की थी। तेलंगाना के एग्जाम्स में उस कंपनी ने इतनी गड़बड़ी की थी, उस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और उसकी गड़बड़ियों की वजह से तेलंगाना में 20 से ज्यादा बच्चों ने सुसाइड कर लिया था। फिर भी उसी कंपनी को केंद्र सरकार ने सारे देश का ठेका दे दिया। क्यों, क्योंकि केंद्र सरकार की नीयत खराब थी।’
'घोटालेबाजों को बचाने की कोशिश की जा रही है'
आगे उन्होंने कहा कि 'केंद्र सरकार के इस फैसले की वजह से लाखों बच्चों का भविष्य खराब हो गया, और अभी तक उस कंपनी के खिलाफ कोई ऐक्शन तक नहीं हुआ, कोई FIR नहीं हुई, कोई गिरफ्तार नहीं हुआ, एक कमेटी बना दी बस, कमेटी अपना काम करती रहेगी। CBSE के चेयरमैन को हटाकर उसको एग्रीकल्चरल सेक्रेटरी बना दिया बस, और किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका मतलब सारे घोटाले पर पर्दा डाला जा रहा है, घोटालेबाजों को बचाने की कोशिश की जा रही है, क्यों अगले साल भी इनको पेपर लीक करना है, अगले साल भी इनको OSM में गड़बड़ी करना है। अरबों-खरबों का घोटाला है, नीयत खराब है इनकी।'
‘हवाई जहाज से पेपर भेजने से लीक कैसे रुकेगा’
केजरीवाल ने आगे कहा, ‘नीट का पेपर ले लीजिए, कह रहे हैं कि पेपर सेटिंग की स्टेज पर पेपर लीक हुआ है और उसका समाधान क्या निकाल रहे हैं कि पेपरों का ट्रांसपोर्टेशन अब हवाई जहाजों द्वारा की जाएगा। मैं पूछना चाहता हूं कि जब पेपर सेटिंग के टाइम पर पेपर लीक हुआ है तो पेपर जहाज से ट्रांसपोर्ट करने से कैसे पेपर लीक कैसे रुकेगा।’ आगे बड़ा आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'दरअसल इन लोगों पेपर लीक रोकना ही नहीं है, सारे घोटाले पर पर्दा डाला जा रहा है, घोटालेबाजों को बचाया जा रहा है, क्योंकि अगले साल फिर से पेपर लीक करना है, अगले साल फिर से अरबों-खरबों रुपए कमाने हैं।'
'ये बहुत बड़ा धंधा है, बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं, जब तक आप सब लोग मिलकर आवाज नहीं उठाओगे, जब तक आप सब लोग मिलकर सड़कों पर नहीं उतरोगे, तब तक ये सिस्टम नहीं बदलने वाले, आपको सबको मिलकर आवाज उठाकर सरकार को मजबूर करना होगा, कि सरकार इस पूरे सिस्टम को ठीक करे, नहीं तो नहीं होने वाला।'
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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